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UN में भारत की स्थायी सीट के लिए पुर्तगाल का खुला समर्थन, PM मोंटेनेग्रो ने UNSC सुधार पर दिया जोर

नई दिल्ली| संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भारत की स्थायी सदस्यता की मांग को एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर समर्थन मिला है। पुर्तगाल के प्रधानमंत्री लुइस मोंटेनेग्रो ने 24 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में सुरक्षा परिषद में व्यापक सुधार की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि दुनिया की मौजूदा राजनीतिक और भौगोलिक वास्तविकताओं को देखते हुए परिषद को अधिक प्रतिनिधित्व वाला बनाया जाना चाहिए।

मोंटेनेग्रो ने सुरक्षा परिषद में अफ्रीका, ब्राजील और भारत के लिए स्थायी सीटों की वकालत की। उनके मुताबिक, इससे परिषद आज की बदलती वैश्विक व्यवस्था को बेहतर तरीके से प्रतिबिंबित कर सकेगी और उसकी कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र को अधिक चुस्त और प्रभावी बनाने के साथ शांति अभियानों के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया।

भारत की स्थायी सदस्यता पर फिर बढ़ी चर्चा

भारत लंबे समय से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता की मांग करता रहा है। भारत का तर्क है कि मौजूदा वैश्विक व्यवस्था में विकासशील देशों और विशेष रूप से ग्लोबल साउथ का प्रतिनिधित्व बढ़ना चाहिए। भारत और ब्राजील भी UNSC सुधार के मुद्दे पर एक-दूसरे की स्थायी सदस्यता की उम्मीदवारी का समर्थन करते रहे हैं। दोनों देशों ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के स्थायी और गैर-स्थायी, दोनों वर्गों में विस्तार की जरूरत पर जोर दिया है।

अभी UNSC में कितने स्थायी सदस्य?

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में कुल 15 सदस्य होते हैं। इनमें पांच स्थायी सदस्य हैं—अमेरिका, रूस, चीन, फ्रांस और ब्रिटेन। इन पांचों देशों के पास वीटो का अधिकार है। इसके अलावा परिषद में 10 गैर-स्थायी सदस्य होते हैं, जिन्हें संयुक्त राष्ट्र महासभा दो साल के कार्यकाल के लिए चुनती है। सितंबर 2026 के लिए UNSC की आधिकारिक सूची में भारत स्थायी या गैर-स्थायी सदस्य के तौर पर शामिल नहीं है।

G4 के जरिए भी स्थायी सीट की मांग

भारत, ब्राजील, जर्मनी और जापान लंबे समय से सुरक्षा परिषद में सुधार और स्थायी सदस्यता के लिए मिलकर प्रयास करते रहे हैं। इस समूह को G4 कहा जाता है। भारत का कहना है कि सुरक्षा परिषद की मौजूदा संरचना आज की दुनिया का पूरी तरह प्रतिनिधित्व नहीं करती। इसी वजह से परिषद में स्थायी और गैर-स्थायी दोनों तरह की सदस्यता बढ़ाने की मांग लगातार उठती रही है।

पुर्तगाल पहले भी कर चुका है भारत का समर्थन

पुर्तगाल की ओर से भारत की स्थायी सदस्यता के समर्थन की बात पहली बार नहीं कही गई है। इससे पहले भी पुर्तगाली नेतृत्व की ओर से सुरक्षा परिषद में भारत और ब्राजील को स्थायी भूमिका देने की वकालत सामने आती रही है। अब लुइस मोंटेनेग्रो के ताजा बयान से एक बार फिर UNSC सुधार और भारत की स्थायी सदस्यता का मुद्दा चर्चा में आ गया है। हालांकि, सुरक्षा परिषद की संरचना में बदलाव के लिए व्यापक अंतरराष्ट्रीय सहमति और संयुक्त राष्ट्र चार्टर में आवश्यक प्रक्रिया पूरी करना जरूरी होगा।

BRIJESH SINGH
the authorBRIJESH SINGH