EntertainmentTop News

एक मोहल्ला, पांच परिवार और पालतू अजगर का हंगामा… ‘चुम्बक’ में राघव बिनानी का अलग रंग

न्यूज़ जर्नलिस्ट अंकित कुमार गोयल

मोहल्ले की जिंदगी बाहर से जितनी साधारण दिखाई देती है, भीतर उतनी ही कहानियों से भरी होती है। किसी के घर की छोटी-सी बात कब पड़ोसी की चर्चा और फिर पूरे मोहल्ले का किस्सा बन जाए, पता ही नहीं चलता। नेटफ्लिक्स की कॉमेडी सीरीज चुम्बक’ इसी पड़ोसी दुनिया को कहानी और हास्य के अंदाज में सामने लाती है। इसी दुनिया में अभिनेता राघव बिनानी भी एक अलग अंदाज में नजर आते हैं।

सीरीज की कहानी पांच परिवारों के इर्द-गिर्द घूमती है। अलग-अलग घरों में रहने वाले इन परिवारों की जिंदगी धीरे-धीरे एक-दूसरे से इस तरह जुड़ती जाती है कि पड़ोसी सिर्फ पड़ोसी नहीं रह जाते, बल्कि एक-दूसरे की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन जाते हैं। किसी घर में कुछ होता है तो उसकी खबर दूसरे घर तक पहुंचने में ज्यादा वक्त नहीं लगता। यही वह जगह है जहां ‘चुम्बक’ की कॉमेडी आकार लेती है। यहां हंसी केवल संवादों से नहीं आती, बल्कि परिस्थितियां खुद ऐसे मोड़ लेती हैं कि सामान्य जिंदगी भी असामान्य और मजेदार लगने लगती है।

राघव बिनानी की एंट्री, किरदार ‘पेट ओनर’

इसी दिलचस्प पड़ोसी दुनिया में राघव बिनानी की भी अपनी मौजूदगी है। उपलब्ध कलाकार विवरण के मुताबिक, राघव को सीरीज के छठे एपिसोड में ‘पेट ओनर’ की भूमिका के लिए क्रेडिट किया गया है। छठा एपिसोड 10 सितंबर 2026 को जारी हुआ। इस कड़ी में कुकू से जुड़ी एक रहस्यमयी महिला की यादें कॉलोनी में सवाल खड़े करती हैं, जबकि नारी अपने पालतू अजगर के लिए स्मृति कार्यक्रम आयोजित करता है। कहानी का यह प्रसंग ‘चुम्बक’ के उस अंदाज को सामने लाता है, जहां रोजमर्रा की जिंदगी अचानक ऐसी स्थिति में पहुंच जाती है, जिसकी किसी ने कल्पना नहीं की होती।

राघव बिनानी का किरदार भी इसी घटनाक्रम का हिस्सा बनता है। उनके ‘पेट ओनर’ किरदार के बारे में उपलब्ध आधिकारिक जानकारी सीमित है, इसलिए उसके बारे में अतिरिक्त दावे करना उचित नहीं होगा। हालांकि, कहानी के संदर्भ में उनकी भूमिका उस पूरे माहौल से जुड़ती दिखाई देती है, जहां पालतू अजगर जैसी असामान्य घटना पूरे मोहल्ले के लिए चर्चा का विषय बन जाती है।

पांच परिवार, लेकिन कहानी पूरे मोहल्ले की

‘चुम्बक’ की दिलचस्पी केवल इन पांच परिवारों की व्यक्तिगत जिंदगी में नहीं है। असली मजा उन रिश्तों और परिस्थितियों में है, जो इन परिवारों को एक-दूसरे के करीब लाते हैं। मोहल्ले की जिंदगी में अक्सर ऐसा ही होता है। किसी के घर में खुशी हो तो पड़ोसी भी उसमें शामिल होते हैं। किसी के घर परेशानी आए तो मदद के साथ सलाह भी पहुंच जाती है। कई बार यही अपनापन जरूरत से ज्यादा दखल में बदल जाता है और फिर वही दखल हंसी का कारण बन जाता है। सीरीज इसी परिचित माहौल को अपने तरीके से पेश करती है। यहां हर परिवार की अपनी समस्या है, हर किरदार का अपना स्वभाव है और हर छोटी घटना के पीछे एक नई कहानी निकल आती है।

जब छोटी भूमिका भी कहानी का हिस्सा बन जाए

किसी बड़े कलाकार समूह वाली सीरीज में हर किरदार को लंबा स्क्रीन टाइम मिले, यह जरूरी नहीं। कई बार कहानी को पूरा करने के लिए छोटे किरदार भी उतने ही महत्वपूर्ण होते हैं, क्योंकि उनकी मौजूदगी किसी खास घटनाक्रम को आगे बढ़ाती है। राघव बिनानी का ‘पेट ओनर’ किरदार भी इसी नजरिए से दिलचस्प है। वह कहानी के केंद्रीय परिवारों में शामिल न होकर भी उस दुनिया का हिस्सा बनते हैं, जहां एक पालतू अजगर से जुड़ी घटना लोगों के बीच चर्चा और हलचल पैदा कर देती है। ‘चुम्बक’ में नीना गुप्ता, देवन भोजानी, मानसी पारेख, सुमीत व्यास, सुमीत राघवन, संदीपा धर, अर्जुन बिजलानी, हेली शाह, अनंत जोशी, अमायरा दस्तूर, डेलनाज ईरानी और अतुल कुमार जैसे कलाकार भी नजर आते हैं। इतने बड़े कलाकार समूह के बीच अलग-अलग किरदार मिलकर सीरीज के पड़ोस को जीवंत बनाते हैं।

 

असली ‘चुम्बक’ शायद यही पड़ोसीपन है

सीरीज का सबसे दिलचस्प पहलू यही है कि इसकी दुनिया दर्शक को अपने आसपास के किसी मोहल्ले की याद दिला सकती है। वह पड़ोसी जो हर खबर सबसे पहले जानता था, वह परिवार जिसके घर की हर बात कुछ ही देर में बाहर पहुंच जाती थी, या वह व्यक्ति जो बिना बुलाए सलाह देने पहुंच जाता था—इन सबकी झलक ‘चुम्बक’ की दुनिया में महसूस होती है। राघव बिनानी का ‘पेट ओनर’ भी इसी दुनिया की एक कड़ी है। उनका किरदार उस घटनाक्रम से जुड़ता है जहां सामान्य पड़ोसी जिंदगी अचानक एक असामान्य मोड़ लेती है। और शायद यही ‘चुम्बक’ की कहानी का सबसे रोचक हिस्सा है—यहां कहानी सिर्फ पांच परिवारों की नहीं है। कहानी उस पूरे मोहल्ले की है, जहां हर घर का दरवाजा किसी न किसी दूसरे घर की कहानी से जुड़ा है और एक छोटी-सी घटना देखते ही देखते पूरे मोहल्ले की चर्चा बन सकती है।

 

BRIJESH SINGH
the authorBRIJESH SINGH