NationalTop NewsUttar Pradesh

प्राण प्रतिष्ठा के बाद बोले पीएम मोदी- सदियों के इंतजार के बाद आज हमारे राम आ गए हैं

अयोध्या। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा के बाद लोगों को संबोधित करते हुए कहा, ‘आप सभी को राम-राम।

पीएम मोदी ने कहा कि आज हमारे राम आ गए हैं. हमारे रामलला अब टेंट में नहीं रहेंगे.हमारे रामलला अब दिव्य मंदिर में रहेंगे. ये क्षण अलौकिक है. ये माहौल वातावरण. ये ऊर्जा ये घड़ी. ये प्रभु राम का हम सब पर आशीर्वाद है.

उन्होंने कहा कि जहां राम का काम होता है, वहां हनुमान भी होते हैं. यही वजह है कि मैं हनुमानगढ़ी को भी प्रणाम करता हूं. मैं उनके अलावा और देवताओं और अयोध्यापुरी और सरयू को भी प्रणाम करता हूं. मैं इस वक्त दैवीय अनुभव कर रहा हूं जिनके महान आशीर्वाद से यह काम पूरा हुआ है.

उन्होंने कहा कि बहुत कुछ कहना चाहता हूं, लेकिन कंठ अवरुद्ध है. उन्होंने कहा कि यह क्षण अलौकिक और पवित्र है. सदियों की तपस्या के बाद राम लौटे हैं. प्रभु राम से क्षमा याचना भी करता हूं. आज से हजार साल बाद भी लोग आज की इस तारीख की, आज के इस पल की चर्चा करेंगे. ये कितनी बड़ी राम कृपा है कि हम सब इस पल को जी रहे हैं और इसे साक्षात घटित होते देख रहे हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज के इस अवसर पर जो दैव, जो दैवीय आत्माएं हमें आशीर्वाद देने के लिए उपस्थित हुई हैं, हमें देख रही हैं, उन्हें क्या हम ऐसे ही विदा करेंगे? नहीं, कदापि नहीं. प्रधानमंत्री ने कहा कि ये मंदिर सिखाता है कि अगर लक्ष्य, सत्य प्रमाणित हो, अगर लक्ष्य, सामूहिकता और संगठित शक्ति से जन्मा हो, तब उस लक्ष्य को प्राप्त करना असंभव नहीं है.

पीएम ने कहा कि प्रभु राम भारत की आत्मा के कण-कण से जुड़े हुए हैं. हम भारत में कहीं भी किसी की अंतरात्मा को छुएंगे तो एकत्व की अनुभूति होगी. इससे अधिक देश को समायोजित करने वाला सूत्र और क्या हो सकता है. हर युग में लोगों ने राम को जिया है. अलग अलग युगों में लोगों ने अपनी अपनी तरह से राम को अभिव्यक्त किया है. प्राचीन काल से लोग राम रस का आचमन करते रहे हैं। राम के आदर्श, मूल्य और शिक्षाएं हर जगह एक समान है.

पीएम ने कहा कि आज का ये मौका उत्सव के साथ भारतीय समाज की परिपक्वता का भी बोध है. ये विजय का नहीं बल्कि विनय का भी मौका है. हमारा भविष्य सुंदर होने जा रहा है. एक समय था कि जब लोग कहते थे कि राम मंदिर बना तो आग लग जाएगी. ऐसे लोग भारत को नहीं जान पाएंगे. राम मंदिर का निर्माण भारतीय समाज की शांति और समन्वय का प्रतीक है. ये निर्माण किसी आग को नहीं बल्कि ऊर्जा को जन्म दे रहा है। राम आग नहीं हैं बल्कि ऊर्जा हैं. राम वर्तमान ही नहीं बल्कि अनंतकाल हैं. राम समस्या नहीं, समाधान हैं.

 

=>
=>
loading...
BRIJESH SINGH
the authorBRIJESH SINGH