भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने अयोध्या राम मंदिर से जुड़े कथित चंदा विवाद को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि इस मामले में यदि वह पूरी सच्चाई सामने लाते हैं तो कई लोगों को ठेस पहुंच सकती है और वह स्वयं भी विवादों में घिर सकते हैं।
मीडिया से बातचीत के दौरान बृजभूषण शरण सिंह ने कहा, “अगर मैं सच बोलूंगा तो बहुत चोट लगेगी और मैं विवाद में फंस जाऊंगा, क्योंकि वे लोग बहुत ताकतवर हैं। इसलिए डर के मारे मैं सच नहीं बोल रहा हूं। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि उनका इशारा किन व्यक्तियों या घटनाओं की ओर था। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है और राम मंदिर से जुड़े कथित चंदा विवाद को लेकर नई बहस शुरू हो गई है।
राहुल गांधी पर भी साधा निशाना
बृजभूषण शरण सिंह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश में राहुल गांधी की टिप्पणियों को अधिक गंभीरता से नहीं लिया जाता। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि जब तक राहुल गांधी कांग्रेस का नेतृत्व करते रहेंगे, तब तक भाजपा को किसी बड़े राजनीतिक खतरे का सामना नहीं करना पड़ेगा।
नीट पेपर लीक मामले पर धर्मेंद्र प्रधान का बचाव
नीट पेपर लीक मामले पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का बचाव करते हुए बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि किसी मंत्री के इस्तीफा देने भर से ऐसी घटनाओं पर रोक नहीं लग सकती। उन्होंने कहा कि पेपर लीक जैसी समस्याओं से निपटने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता है।
अखिलेश यादव ने उठाए थे सवाल
इससे पहले समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने राम मंदिर के चढ़ावे और उससे जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि यह मामला करोड़ों रामभक्तों और सनातन समाज की आस्था से जुड़ा है, इसलिए इसकी निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि मंदिर ट्रस्ट इस मुद्दे पर स्पष्ट जवाब देने से बच रहा है, जिससे कई सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने न्यायालय से मामले का स्वतः संज्ञान लेने की मांग भी की थी। साथ ही यह भी कहा गया कि सरकार की चुप्पी संदेह पैदा कर रही है और मामले की सच्चाई जनता के सामने आनी चाहिए।




