लखनऊ: अलीगंज अग्निकांड के बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए शनिवार को विवादित इमारत को गिराने का अभियान शुरू कर दिया। लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने पहले भवन स्वामी को 15 दिन का नोटिस जारी किया था। नोटिस की अवधि पूरी होने के बाद भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की गई।
सुबह से ही LDA की टीम पुलिस प्रशासन के साथ मौके पर पहुंची। कार्रवाई के लिए बुलडोजर और हाईड्रोलिक मशीनों की मदद ली जा रही है। प्रशासन का कहना है कि पूरी प्रक्रिया सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए की जा रही है।
जांच में सामने आई थीं कई अनियमितताएं
प्रारंभिक जांच में पता चला था कि संबंधित भवन का नक्शा आवासीय उपयोग के लिए स्वीकृत था, जबकि परिसर में व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही थीं। इसके अलावा भवन में अवैध निर्माण और सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की भी बात सामने आई थी। इन्हीं आधारों पर LDA ने ध्वस्तीकरण का आदेश जारी किया था।
भारी पुलिस बल की तैनाती
कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गई। आसपास के मार्गों पर आवाजाही सीमित कर दी गई और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। अधिकारियों के अनुसार, भवन को पूरी तरह हटाने की प्रक्रिया में कई घंटे लग सकते हैं।
22 जुलाई को हुआ था भीषण अग्निकांड
गौरतलब है कि 22 जुलाई को अलीगंज स्थित एक कोचिंग सेंटर में आग लगने से बड़ा हादसा हुआ था। आग लगने के बाद इमारत में फंसे कई छात्र अपनी जान बचाने के लिए खिड़कियों और पाइपों के सहारे बाहर निकलने की कोशिश करते दिखाई दिए थे।
इस हादसे में दम घुटने से 15 लोगों की मौत हो गई थी। घटना के बाद भवन की सुरक्षा व्यवस्था, अग्निशमन इंतजाम और निर्माण संबंधी नियमों के पालन को लेकर गंभीर सवाल उठे थे। हादसे के बाद प्रशासन ने मामले की जांच शुरू की थी, जिसके आधार पर अब यह ध्वस्तीकरण कार्रवाई की जा रही है।




