कर्नाटक की राजनीति में आज बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। वरिष्ठ कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं। शपथ ग्रहण समारोह शाम करीब 4 बजकर 5 मिनट पर आयोजित होने की संभावना है। हालांकि, स्वयं शिवकुमार ने कहा है कि समारोह के समय को लेकर अंतिम फैसला अभी होना बाकी है। सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री के साथ आज केवल 14 मंत्री ही शपथ लेंगे। मंत्रिमंडल का विस्तार बाद में किया जाएगा और पहले चरण में किसी भी नेता को उपमुख्यमंत्री पद की शपथ नहीं दिलाई जाएगी। कांग्रेस आलाकमान आज ही उन नेताओं की सूची जारी कर सकता है, जिन्हें शुरुआती मंत्रिमंडल में जगह मिलेगी।
दिल्ली में चली बैठकों की लंबी श्रृंखला
शपथ ग्रहण से पहले मंगलवार को दिल्ली में कांग्रेस नेतृत्व की अहम बैठकें हुईं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने डीके शिवकुमार तथा निवर्तमान मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के साथ विस्तृत चर्चा की। इन बैठकों में सरकार के नए स्वरूप और संगठनात्मक रणनीति पर विचार-विमर्श किया गया।
2028 और 2029 के चुनावों पर कांग्रेस की नजर
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस नेतृत्व में यह बदलाव 2028 के कर्नाटक विधानसभा चुनाव और 2029 के लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखकर किया जा रहा है। वहीं, भारतीय जनता पार्टी ने इस बदलाव को विकास से ज्यादा सत्ता संतुलन और राजनीतिक समझौते का परिणाम बताया है।
संभावित मंत्रियों के नाम चर्चा में
डीके शिवकुमार के साथ शपथ लेने वाले संभावित नेताओं में कई वरिष्ठ और प्रभावशाली चेहरे शामिल बताए जा रहे हैं। इनमें—
- यतींद्र सिद्धारमैया
- जी. परमेश्वर
- के.जे. जॉर्ज
- प्रियांक खरगे
- एम.बी. पाटिल
- रामलिंगा रेड्डी
- ईश्वर खंड्रे
- कृष्णा बायरे गौड़ा
- लक्ष्मी हेब्बलाकर
- बी. सुरेश
- सतीश जारकीहोली
जैसे नाम प्रमुख हैं।
सूत्रों के मुताबिक, यदि सतीश जारकीहोली कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष का पद संभालने के लिए सहमत होते हैं, तो उनकी जगह बी.के. हरिप्रसाद को मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है। इसके अलावा के.एच. मुनियप्पा और दिनेश गुंडू राव के नाम भी संभावित मंत्रियों की सूची में बताए जा रहे हैं।
यतींद्र सिद्धारमैया पर विशेष नजर
संभावित मंत्रियों में सबसे अधिक चर्चा यतींद्र सिद्धारमैया की हो रही है। वे पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के पुत्र हैं और वर्तमान में विधान परिषद के सदस्य हैं। माना जा रहा है कि उन्हें नए मंत्रिमंडल में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिल सकती है। कर्नाटक में होने वाला यह नेतृत्व परिवर्तन कांग्रेस के लिए राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि पार्टी नए नेतृत्व के साथ आगामी चुनावी चुनौतियों की तैयारी में जुटी हुई है।




