नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को दिल्ली पहुंचे। राजधानी पहुंचने के बाद वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करने के लिए 7 लोक कल्याण मार्ग स्थित पीएम आवास पहुंचे। दोनों नेताओं के बीच मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक और संगठनात्मक गतिविधियां तेज हैं। योगी आदित्यनाथ के दिल्ली दौरे के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से भी मुलाकात प्रस्तावित है। इन बैठकों में किन मुद्दों पर चर्चा होगी, इसकी आधिकारिक जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है।
ट्रेड शो के एक दिन बाद दिल्ली दौरा
मुख्यमंत्री योगी का दिल्ली दौरा उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो के चौथे संस्करण के उद्घाटन के एक दिन बाद हुआ है। 25 सितंबर को ग्रेटर नोएडा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ट्रेड शो का उद्घाटन किया था। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे। ट्रेड शो के दौरान उत्तर प्रदेश में निवेश और औद्योगिक विकास को लेकर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों और कंपनियों के साथ बैठक कर राज्य में निवेश की संभावनाओं पर बातचीत की थी।
निवेश को लेकर विदेशी कंपनियों से बातचीत
ग्रेटर नोएडा में आयोजित ट्रेड शो के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विदेशी प्रतिनिधियों के साथ राउंड टेबल बैठक में हिस्सा लिया। इसमें डिफेंस, फार्मा, एविएशन, मेडिकल डिवाइस, कृषि और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा हुई। वहीं, अमित शाह ने अपने संबोधन में उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था और निवेश के माहौल को लेकर राज्य सरकार के प्रयासों का उल्लेख किया था।
नितिन नबीन से संगठन को लेकर हो सकती है चर्चा
योगी आदित्यनाथ की बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन के साथ प्रस्तावित मुलाकात भी राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हाल में दोनों नेताओं ने मेरठ में पार्टी की संगठनात्मक गतिविधियों को लेकर बैठक की थी। इस दौरान बूथ से लेकर जिला स्तर तक संगठन की तैयारियों और कार्यकर्ताओं से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई थी। ऐसे में दिल्ली में होने वाली संभावित बैठक में भी उत्तर प्रदेश में पार्टी के संगठनात्मक कामकाज से जुड़े विषयों पर बातचीत हो सकती है।
‘सेवा संकल्प अभियान’ पर भी फोकस
बीजेपी की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के मौके पर 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत सामाजिक सेवा, लाभार्थियों से संपर्क, सांस्कृतिक कार्यक्रम और युवाओं की भागीदारी से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश में भी पार्टी इस अभियान के तहत अलग-अलग गतिविधियां कर रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले ही अभियान की तैयारियों की समीक्षा कर चुके हैं।
2027 के चुनाव से पहले बढ़ी संगठनात्मक हलचल
उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को देखते हुए बीजेपी संगठन और सरकार के स्तर पर तैयारियां कर रही है। पार्टी की गतिविधियों में बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करने, कार्यकर्ताओं से संवाद और सरकार-संगठन के बीच समन्वय जैसे मुद्दे शामिल हैं। ऐसे समय में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रधानमंत्री मोदी, अमित शाह और बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन के साथ प्रस्तावित मुलाकातों पर राजनीतिक नजरें टिकी हैं। हालांकि, इन बैठकों का आधिकारिक एजेंडा सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि किन मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।




