उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को मऊ दौरे पर पहुंचे, जहां उन्होंने कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस दौरान जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने माफिया और कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर विपक्ष पर जमकर निशाना साधा।
सीएम योगी ने बिना नाम लिए वर्ष 2005 के मऊ दंगों का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय मऊ को जलाने का कुत्सित प्रयास किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौर में सत्ता संरक्षित माफियाओं ने रामलीला और धार्मिक आयोजनों में बाधाएं पैदा की थीं, जिससे आम लोगों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई थी। मुख्यमंत्री ने कहा, “एक समय ऐसा था जब रामलीला, रामनवमी, जन्माष्टमी जैसे धार्मिक आयोजनों को भी प्रभावित किया जाता था। उस दौर में अराजकता का माहौल था और गरीबों तक सरकारी सुविधाएं नहीं पहुंचती थीं। समाजवादी पार्टी माफियाओं और गुंडों के सामने नतमस्तक थी।”
उन्होंने आगे कहा कि अब प्रदेश में कानून का राज है और कोई भी माफिया या गुंडा किसी धार्मिक आयोजन में व्यवधान पैदा करने का दुस्साहस नहीं कर सकता। सीएम योगी ने चेतावनी भरे अंदाज में कहा, “अगर किसी ने रामलीला, कथा, यज्ञ, रामनवमी, शिवरात्रि या किसी भी धार्मिक आयोजन में बाधा डालने की कोशिश की, तो उसकी दुर्गति रावण और कंस जैसी होगी।”
सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश में बेटियों और व्यापारियों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा, “अगर किसी ने बेटी या व्यापारी की सुरक्षा में सेंध लगाने की कोशिश की, तो उसका इंतजार केवल यमराज करेंगे।” मुख्यमंत्री ने दावा किया कि आज उत्तर प्रदेश में कोई माफिया खुलेआम हथियार लहराकर या जीप में घूमकर किसी हिंदू को धमकाने की हिम्मत नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि सरकार बिना रुके और बिना डरे अपराध व माफिया के खिलाफ कार्रवाई जारी रखे हुए है।




