बटुकों के साथ कथित यौन शोषण के आरोपों में घिरे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। मामले के शिकायतकर्ता आशुतोष ब्रह्मचारी ने सोमवार को प्रयागराज की पॉक्सो अदालत में एक प्रार्थना पत्र दाखिल कर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का पासपोर्ट जब्त करने और उनकी निगरानी बढ़ाने की मांग की है।
अदालत के बाहर मीडिया से बातचीत में आशुतोष ब्रह्मचारी ने दावा किया कि उन्हें पुख्ता जानकारी मिली है कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद विदेश जाने की तैयारी में हैं। उन्होंने कहा कि हाई कोर्ट ने केवल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाई है, लेकिन जांच को प्रभावित नहीं करने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। ऐसे में उनका जिला छोड़ना भी सवालों के घेरे में है।
आशुतोष ब्रह्मचारी ने कहा कि अदालत से अनुरोध किया गया है कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को विदेश जाने से रोका जाए और उनके पास मौजूद जरूरी दस्तावेज, जैसे पासपोर्ट, जांच अधिकारी या अदालत में जमा कराने का निर्देश दिया जाए। उन्होंने बताया कि अदालत ने उनकी दलीलें सुनने के बाद फिलहाल फैसला सुरक्षित रख लिया है।
उन्होंने यह भी बताया कि अदालत ने उनके ऊपर हुए हमले का स्वतः संज्ञान लिया है। दरअसल, रविवार सुबह सिराथू रेलवे स्टेशन पर ट्रेन में एक अज्ञात व्यक्ति ने उन पर धारदार हथियार से कथित हमला कर दिया था। इस मामले में उनकी शिकायत पर प्रयागराज की राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने प्राथमिकी दर्ज की है। वहीं, उत्तर प्रदेश के लखनऊ से भी एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक बेटे ने कथित रूप से अपने पिता की बेरहमी से हत्या कर दी। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी बेटा मौके से फरार हो गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।




