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डिलीवरी बॉय से WhatsApp के ग्लोबल हेड तक: संघर्षों को मात देकर कुणाल शाह ने रचा इतिहास

कभी परिवार की आर्थिक मदद के लिए डिलीवरी बॉय का काम करने वाले कुणाल शाह अब दुनिया के सबसे बड़े मैसेजिंग प्लेटफॉर्म WhatsApp की वैश्विक कमान संभालेंगे। Meta द्वारा उन्हें WhatsApp का नया ग्लोबल हेड नियुक्त किए जाने के बाद भारतीय स्टार्टअप जगत में उनकी सफलता की कहानी एक बार फिर चर्चा में है।

कुणाल शाह का बचपन आर्थिक चुनौतियों के बीच बीता। पिता का कारोबार बंद होने के बाद परिवार पर आर्थिक संकट आ गया। ऐसे में उन्होंने कम उम्र में ही काम करना शुरू कर दिया। डिलीवरी बॉय, डेटा एंट्री ऑपरेटर, मेहंदी कोन बेचने वाले, साइबर कैफे संचालक और कंप्यूटर ट्यूटर जैसे कई छोटे-बड़े काम करके उन्होंने अपनी जरूरतें पूरी कीं। कहा जाता है कि किशोरावस्था में ही उन्होंने आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनना शुरू कर दिया था।

मुंबई के विल्सन कॉलेज से फिलॉसफी की पढ़ाई करने वाले कुणाल शाह ने बाद में NMIMS में MBA में दाखिला लिया, लेकिन पढ़ाई बीच में छोड़ दी। उनका मानना था कि असली सीख किताबों से ज्यादा वास्तविक जीवन के अनुभवों से मिलती है। यही सोच आगे चलकर उन्हें उद्यमिता की दुनिया में ले गई।

कुणाल शाह ने सबसे पहले डिजिटल पेमेंट स्टार्टअप फ्रीचार्ज की स्थापना की, जिसने भारत के फिनटेक सेक्टर में नई पहचान बनाई। बाद में फ्रीचार्ज का अधिग्रहण किया गया। इसके बाद वर्ष 2018 में उन्होंने CRED की शुरुआत की, जो समय पर क्रेडिट कार्ड बिल भुगतान करने वाले ग्राहकों को रिवॉर्ड देने वाला प्लेटफॉर्म है। आज CRED भारत की प्रमुख फिनटेक कंपनियों में शामिल है और इसके लाखों सक्रिय उपयोगकर्ता हैं

Meta ने हाल ही में CRED में 900 मिलियन डॉलर का निवेश किया है। इसी के साथ कंपनी ने कुणाल शाह को WhatsApp का नया वैश्विक प्रमुख नियुक्त करने की घोषणा की। वह लंबे समय से WhatsApp का नेतृत्व कर रहे विल कैथकार्ट की जगह लेंगे। Meta के CEO मार्क जुकरबर्ग ने कुणाल शाह की नेतृत्व क्षमता और उद्यमशील सोच की सराहना करते हुए कहा कि वे WhatsApp को अगले चरण की वृद्धि तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाएंगे।

डिलीवरी बॉय से लेकर दुनिया के सबसे बड़े मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के ग्लोबल हेड बनने तक का कुणाल शाह का सफर इस बात का उदाहरण है कि सफलता केवल डिग्री से नहीं, बल्कि मेहनत, सीखने की इच्छा और बड़े सपने देखने के साहस से हासिल होती है। उनकी कहानी आज लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी है।

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BRIJESH SINGH
the authorBRIJESH SINGH