मोहर्रम के मद्देनज़र उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के कुंडा क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय घटना की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन कार्रवाई करते हुए कुंडा विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया के पिता उदय प्रताप सिंह समेत 13 लोगों को 41 घंटे के लिए हाउस अरेस्ट (नजरबंद) कर दिया है। सभी को शुक्रवार रात 9 बजे तक अपने-अपने घरों में रहने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने संबंधित लोगों के घरों पर नोटिस चस्पा कर पुलिस बल तैनात कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम मोहर्रम के दौरान शांति और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है।
क्या है पूरा विवाद?
कुंडा के शेखपुर आशिक गांव में करीब दो दशक पहले मोहर्रम के दौरान एक बंदर की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना के बाद हिंदू समाज में नाराजगी देखने को मिली। इसके बाद उदय प्रताप सिंह ने ताजिया मार्ग पर लखनऊ-प्रयागराज हाईवे के किनारे हनुमान मंदिर का निर्माण कराया और हर साल मोहर्रम के दिन वहां पूजा और भंडारे का आयोजन शुरू किया।
हालांकि, पूजा और भंडारे को लेकर समय-समय पर तनाव की स्थिति बनती रही। इसी वजह से प्रशासन ने पिछले 10 वर्षों से मोहर्रम के दौरान इस आयोजन पर रोक लगा रखी है। हर वर्ष उदय प्रताप सिंह और उनके समर्थकों को ताजिए के दफन होने तक एहतियातन नजरबंद किया जाता है।
किन-किन लोगों को किया गया नजरबंद?
इस बार हाउस अरेस्ट किए गए लोगों में उदय प्रताप सिंह के अलावा निर्भय सिंह (बेंती), जुगनू विश्वकर्मा (हथिगवां), हनुमान पांडेय (कुंडा), जितेंद्र यादव, आनंद पाल, रमाकांत मिश्रा, भवानी विश्वकर्मा, रवि सिंह, केशरी नंदन पांडेय, जमुना प्रसाद मौर्य, गया प्रसाद प्रजापति तथा गोपालगंज, हथिगवां निवासी मोहन पुत्र रामजन्म शामिल हैं।
चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात
मोहर्रम को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पूरे कुंडा क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। इलाके में छह थाना प्रभारी, तीन क्षेत्राधिकारी (सीओ), दो प्लाटून पीएसी और भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है, जिससे पूरा क्षेत्र छावनी में तब्दील नजर आ रहा है। अपर पुलिस अधीक्षक (पश्चिमी) बृजनंदन राय ने बताया कि सभी संबंधित व्यक्तियों के घरों पर नोटिस चस्पा कर दिया गया है और पुलिस बल की तैनाती कर निगरानी की जा रही है, ताकि प्रशासन के आदेशों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित किया जा सके।




