नई दिल्ली। भारत मंडपम में 11-12 सितंबर को आयोजित ‘BRICS Bharat Innovates Exposition 2026’ में भारत ने हेल्थ-टेक की दुनिया में बड़ी छलांग का प्रदर्शन किया। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा विदेश मंत्रालय के समन्वय से आयोजित इस एक्सपो में देश की 37 चुनिंदा डीप-टेक कंपनियों को विश्व मंच मिला, जिनमें बेंगलुरु की Tricog Health प्रमुख आकर्षण रही। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग सहित BRICS राष्ट्राध्यक्षों के दौरे के दौरान Tricog की टीम ने अपने AI-संचालित कार्डियक केयर प्लेटफॉर्म का लाइव डेमो प्रस्तुत किया।
इस डेमो को कंपनी के चीफ ग्रोथ ऑफिसर प्रतीक गोलेचा और AVP मार्केटिंग निधि कोहली ननदोडे ने लीड किया। स्क्रीन पर एक ECG ग्राफ दिखाते हुए उन्होंने समझाया कि कैसे भारत में विकसित यह तकनीक दूर-दराज के क्लीनिक में भी कार्डियोलॉजिस्ट की गैर-मौजूदगी में जान बचा सकती है। प्रतीक गोलेचा ने कहा, “हमारा AI प्लेटफॉर्म ECG को कुछ ही सेकंड में एनालाइज कर हार्ट अटैक की पहचान करता है और डॉक्टर को तुरंत अगले कदम के लिए अलर्ट भेजता है।” निधि कोहली ननदोडे ने बताया कि यह सिर्फ एक डायग्नोस्टिक टूल नहीं, बल्कि AI, कनेक्टेड डिवाइस, क्लाउड और विशेषज्ञ डॉक्टरों को जोड़ने वाला एक संपूर्ण ‘कार्डियक इंटेलिजेंस इकोसिस्टम’ है।
12 साल पुराना मिशन
कंपनी के संस्थापक डॉ. चरित भोगराज के अनुसार, Tricog की शुरुआत 12 साल पहले इसी सोच के साथ हुई थी कि भूगोल किसी मरीज की जिंदगी तय न करे। कंपनी के को-फाउंडर और CTO जैनुल चरबीवाला ने बताया कि तकनीक अब ECG से आगे बढ़कर AI-असिस्टेड इकोकार्डियोग्राफी, रिस्क स्ट्रैटिफिकेशन और रिमोट मॉनिटरिंग तक पहुंच चुकी है। कंपनी के दावे के अनुसार, अब तक उसके प्लेटफॉर्म से 40 मिलियन से अधिक मरीजों की जांच हो चुकी है और 1 मिलियन से अधिक जानें बचाने में मदद मिली है। कंपनी का लक्ष्य 2030 तक 100 मिलियन लोगों तक गुणवत्तापूर्ण कार्डियक केयर पहुंचाना है।
BRICS के लिए क्यों अहम
BRICS देश दुनिया की लगभग आधी आबादी का प्रतिनिधित्व करते हैं और भारत की अध्यक्षता की थीम “Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability” है। इन देशों में हृदय रोग मौत का बड़ा कारण है, जबकि विशेषज्ञ देखभाल की उपलब्धता असमान है।गोलेचा ने कहा कि BRICS देशों की स्वास्थ्य चुनौतियां एक जैसी हैं और AI इस असमानता को दूर कर सकता है। अब सबकी नजरें 25 से 27 सितंबर तक गोवा में होने वाले National CVD Summit 2026 पर हैं, जिसका आयोजन गोवा सरकार Tricog Health के सहयोग से कर रही है। इसमें स्क्रीनिंग से लेकर इलाज तक की खाई पाटने के लिए राष्ट्रीय रोडमैप पर चर्चा होगी।
By अंकित कुमार गोयल







