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झारखंड के शहर होंगे हाईटेक: CM हेमंत सोरेन ने GIS आधारित शहरी प्रबंधन परियोजना की समीक्षा, समयबद्ध कार्य पूरा करने के निर्देश

रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने नगर विकास एवं आवास विभाग के अंतर्गत JUIDCO द्वारा संचालित GIS (जियोग्राफिक इन्फॉर्मेशन सिस्टम) आधारित शहरी प्रबंधन प्रणाली परियोजना की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि परियोजना को तय समय-सीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए, ताकि शहरी विकास और नागरिक सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाया जा सके।

समीक्षा बैठक में नगर विकास एवं आवास, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा तथा पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव सुनील कुमार, योजना एवं विकास विभाग के सचिव मुकेश कुमार समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

रांची, धनबाद और गिरिडीह में पायलट प्रोजेक्ट

अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि पायलट परियोजना के तहत रांची, धनबाद और गिरिडीह नगर निगमों का चयन किया गया है। इन तीनों शहरों में हवाई LiDAR सर्वेक्षण का कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। इसके साथ ही डिजिटल मैपिंग, GIS लेयर निर्माण और डेटा प्रोसेसिंग का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। परियोजना के तहत जियो-टैगिंग आधारित संपत्ति सर्वेक्षण, शहरी परिसंपत्तियों की विस्तृत मैपिंग, जल निकायों की निगरानी और आधुनिक GIS प्लेटफॉर्म विकसित किया जा रहा है। इससे भवनों, सड़कों, स्ट्रीट लाइट, विद्युत पोल, जल स्रोतों और अन्य शहरी संसाधनों का सटीक डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होगा।

पारदर्शिता और बेहतर शहरी नियोजन पर जोर

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि यह परियोजना शहरी नियोजन को वैज्ञानिक आधार प्रदान करेगी और नगर निकायों की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और तकनीक आधारित बनाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राजस्व बढ़ाने, परिसंपत्तियों के बेहतर प्रबंधन और नागरिक सुविधाओं में सुधार के लिए GIS तकनीक का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

पूरे राज्य में विस्तार की तैयारी

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि पायलट परियोजना से प्राप्त अनुभवों का विस्तृत विश्लेषण किया जाए और उसके आधार पर राज्य के अन्य नगर निकायों में भी इस प्रणाली को चरणबद्ध तरीके से लागू करने की कार्ययोजना तैयार की जाए। सरकार का मानना है कि GIS आधारित शहरी प्रबंधन प्रणाली लागू होने से शहरों के विकास कार्यों की निगरानी आसान होगी, संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा और नागरिकों को अधिक सुविधाजनक एवं पारदर्शी सेवाएं मिल सकेंगी।

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BRIJESH SINGH
the authorBRIJESH SINGH