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लिस्ट होते ही मार्केट कैप में नंबर 2 बन सकती है जियो

• रिलायंस इंडस्ट्रीज के बाद मिल सकता है दूसरा स्थान, एयरटेल तीसरे नंबर पर खिसक सकती है

• ग्रे मार्केट के संकेतों पर जियो की वैल्यूएशन करीब ₹12.61 लाख करोड़ पहुंचने की संभावना

• टॉप-5 से बाहर हो सकती है टाटा की TCS, अदाणी समूह की भी कोई कंपनी नहीं होगी शामिल

मुंबई. बुधवार को शेयर बाजार में उतरते ही जियो प्लेटफॉर्म्स देश की दूसरी सबसे मूल्यवान कंपनी बन सकती है। ग्रे मार्केट के मौजूदा प्रीमियम के आधार पर जियो का मार्केट कैप करीब ₹12.61 लाख करोड़ पहुंच सकता है, जो भारती एयरटेल से लगभग ₹25,700 करोड़ ज्यादा होगा। इस तरह जियो मार्केट कैप के मामले में रिलायंस इंडस्ट्रीज के बाद दूसरे स्थान पर काबिज हो सकती है। एयरटेल को पीछे छोड़ने के लिए जियो को करीब ₹1,342 या उससे अधिक के भाव पर लिस्ट होना होगा।

जियो IPO का इश्यू प्राइस ₹1,119 प्रति शेयर है। ग्रे मार्केट में इस पर करीब ₹245 से ₹255 तक के प्रीमियम के संकेत हैं। बीच का ₹250 प्रीमियम लेकर गणना करें तो संभावित लिस्टिंग प्राइस ₹1,369 बैठता है। मंगलवार को NSE पर भारती एयरटेल का आखिरी ट्रेडेड भाव ₹1,978.80 रहा। इस भाव पर कंपनी का मार्केट कैप करीब ₹12.35 लाख करोड़ बैठता है।

ग्रे मार्केट के संकेत सही साबित हुए तो देश की सबसे मूल्यवान कंपनियों की सूची में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। करीब ₹16.19 लाख करोड़ के मार्केट कैप के साथ रिलायंस इंडस्ट्रीज पहले और जियो प्लेटफॉर्म्स दूसरे स्थान पर होंगी। इसके बाद भारती एयरटेल ₹12.35 लाख करोड़, HDFC बैंक ₹10.49 लाख करोड़ और ICICI बैंक ₹9.96 लाख करोड़ के साथ क्रमशः तीसरे, चौथे और पांचवें स्थान पर होंगे। इस तरह टॉप-5 में रिलायंस समूह की दो कंपनियां शामिल हो सकती हैं। इस संभावित सूची में टेलीकॉम और डिजिटल सेवाओं से जुड़ी दो कंपनियां, निजी क्षेत्र के दो बैंक और विविध कारोबार वाली एक कंपनी होगी। यह देश के शेयर बाजार में इन क्षेत्रों की अहमियत की एक दिलचस्प तस्वीर पेश करेगी।

इस संभावित बदलाव की एक और खास बात है। टाटा समूह की प्रमुख IT कंपनी TCS, जो फिलहाल देश की पांच सबसे मूल्यवान लिस्टेड कंपनियों में शामिल है, छठे स्थान पर खिसक सकती है। मंगलवार के शेयर भाव पर TCS का मार्केट कैप करीब ₹9.03 लाख करोड़ बैठता है। ऐसे में देश की टॉप-5 कंपनियों में टाटा या अदाणी समूह की कोई कंपनी नहीं होगी। अदाणी समूह की कोई कंपनी अभी भी इस सूची में शामिल नहीं है।

हालांकि जियो का वास्तविक लिस्टिंग प्राइस ग्रे मार्केट के संकेतों से अलग हो सकता है। ग्रे मार्केट प्रीमियम अनौपचारिक होता है और इससे लिस्टिंग की निश्चित कीमत का पता नहीं चलता। बुधवार, 28 अक्टूबर को BSE और NSE पर शेयरों की ट्रेडिंग शुरू होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि मार्केट कैप के मामले में जियो किस स्थान पर पहुंचती है।

BRIJESH SINGH
the authorBRIJESH SINGH