नई दिल्ली: दिल्ली के सत्य निकेतन में पांच मंजिला इमारत ढहने की घटना के बाद दिल्ली सरकार ने सार्वजनिक इस्तेमाल वाली इमारतों की सुरक्षा को लेकर सख्त कदम उठाने का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद कहा कि सरकार और नगर निगम मिलकर नई नीति तैयार कर रहे हैं। इसके तहत PG, नर्सिंग होम, स्कूल और अन्य सार्वजनिक उपयोग वाली इमारतों का समय-समय पर स्ट्रक्चरल ऑडिट और सेफ्टी सर्टिफिकेशन अनिवार्य किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि जिन इमारतों का सुरक्षा मानकों के मुताबिक ऑडिट और प्रमाणन नहीं होगा, वहां सार्वजनिक गतिविधियों की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार किसी को भी असुरक्षित PG में रहने की अनुमति नहीं देगी।
दोषी अधिकारियों पर आज ही कार्रवाई का दावा
सत्य निकेतन हादसे में राहत और बचाव कार्य के साथ अब जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है। सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि जिन सरकारी अधिकारियों की निगरानी में कमी, लापरवाही या किसी अन्य गलती की वजह से यह स्थिति बनी, उनके खिलाफ सोमवार को ही सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आने पर जिम्मेदार लोगों को बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि हादसे से प्रभावित छात्रों के परिजनों से सरकार लगातार संपर्क में है और उन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। इमारत से सुरक्षित निकाले गए लोगों के रहने के लिए कॉलेज हॉस्टल में व्यवस्था किए जाने की बात भी मुख्यमंत्री ने कही। सरकार की ओर से प्रभावित लोगों की जरूरतों का ध्यान रखने का भरोसा दिया गया है।
80 फीसदी मलबा हटाया गया, मालिक की तलाश में 10 टीमें
मुख्यमंत्री के मुताबिक, हादसे वाली इमारत का करीब 80 फीसदी मलबा हटाया जा चुका है और अब मुख्य रूप से बेसमेंट का हिस्सा बाकी है। उन्होंने कहा कि बेसमेंट में पानी जमा होने के साथ पुरानी इमारत में चल रहे मरम्मत कार्य को भी हादसे की वजहों में देखा जा रहा है। अब तक 12 लोगों को मलबे से निकाले जाने की जानकारी दी गई है, जिनमें छह लोगों की मौत हुई है और बाकी छह की हालत स्थिर बताई गई है।
उधर, दिल्ली पुलिस ने इमारत के कथित मालिक हरिराम की तलाश तेज कर दी है। उसे पकड़ने के लिए 10 पुलिस टीमों का गठन किया गया है। इन टीमों में स्थानीय जिला पुलिस के अलावा स्पेशल स्टाफ और अन्य ऑपरेशनल यूनिट्स के अधिकारी शामिल हैं। प्रत्येक टीम की निगरानी एडिशनल DCP रैंक के अधिकारी कर रहे हैं। पुलिस की टीमें हरिराम की तलाश में दिल्ली के अलावा हरियाणा और उत्तर प्रदेश में भी संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। हादसे के बाद अब राजधानी में ऐसी इमारतों की सुरक्षा जांच को लेकर भी सरकार और प्रशासन का फोकस बढ़ गया है।




