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रक्षाबंधन से पहले CM धामी का बड़ा ऐलान, अगले साल 15 दिन चलेगा ‘सशक्त बहना उत्सव’

देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को सचिवालय में ‘मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना’ के तहत उत्तराखंड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के स्वयं सहायता समूहों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का शुभारंभ और अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने महिला समूहों द्वारा तैयार राखियों और विभिन्न स्थानीय उत्पादों की जानकारी ली और प्रदेशभर की स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं से वर्चुअल संवाद किया। मुख्यमंत्री ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि अगले वर्ष से रक्षाबंधन से 15 दिन पहले ही ‘मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव’ शुरू किया जाएगा। इसे पूरे पखवाड़े तक आयोजित किया जाएगा, ताकि महिला स्वयं सहायता समूहों को अपने उत्पाद बेचने के लिए अधिक समय और बेहतर बाजार मिल सके।

महिलाओं को मिलेगा बड़ा बाजार

सीएम धामी ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को बाजार उपलब्ध कराने से उनकी आय बढ़ाने और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिलेगी। उन्होंने प्रदेशवासियों को रक्षाबंधन की अग्रिम शुभकामनाएं देते हुए सचिवालय के अधिकारियों और कर्मचारियों से स्टॉलों से स्थानीय उत्पाद खरीदने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों को अपनाना ही ‘वोकल फॉर लोकल’ की वास्तविक भावना है। इससे महिलाओं के हुनर और मेहनत को सम्मान मिलने के साथ प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी।

70 हजार से ज्यादा स्वयं सहायता समूह

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में 70 हजार से अधिक स्वयं सहायता समूह सक्रिय हैं, जिनसे 5.20 लाख से अधिक ग्रामीण परिवार जुड़े हुए हैं। इन समूहों को मजबूत करने के लिए 8 हजार से अधिक ग्राम संगठन और 615 क्लस्टर लेवल फेडरेशन भी काम कर रहे हैं। ‘मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना’ की शुरुआत वर्ष 2023 में की गई थी। इसका उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार स्थानीय उत्पादों को गांव और घरों तक सीमित रखने के बजाय उन्हें व्यापक बाजार, उचित मूल्य और नई पहचान दिलाना है। पिछले तीन वर्षों में प्रदेश के 95 विकासखंडों में 4,480 स्टॉल लगाए गए, जिनके जरिए करीब 12.50 करोड़ रुपये के उत्पादों की बिक्री हुई है।

3 लाख से ज्यादा महिलाएं बनीं ‘लखपति दीदी’

सीएम धामी ने कहा कि राज्य सरकार के प्रयासों से 3 लाख से अधिक स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं ‘लखपति दीदी’ के रूप में अपनी पहचान बना चुकी हैं। अब ‘सशक्त बहना उत्सव’ का विस्तार कर इसे ‘सशक्त बहना बाजार’ के रूप में विकसित करने की दिशा में काम किया जाएगा। इसके तहत महिला समूहों के उत्पादों को पर्यटन स्थलों, धार्मिक यात्रा मार्गों, रेलवे स्टेशनों, एयरपोर्ट और होटल-रिसॉर्ट तक पहुंचाने की योजना है।

49 ग्रोथ सेंटर और 110 बिक्री केंद्र

मुख्यमंत्री ने बताया कि स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों की मार्केटिंग के लिए राज्य में 49 ग्रोथ सेंटर, 17 सरस सेंटर, 33 नैनो पैकेजिंग यूनिट और 8 बेकरी यूनिट स्थापित की गई हैं। यात्रा मार्गों पर 110 बिक्री केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। इसके अलावा सचिवालय समेत अन्य स्थानों पर स्थायी बिक्री केंद्र और राज्य स्तरीय सरस मेलों के जरिए भी महिला समूहों के उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराया जा रहा है।

‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ से लोकल को ग्लोबल पहचान

सीएम धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल से शुरू हुआ ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ ब्रांड उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों को ‘लोकल टू ग्लोबल’ पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभा रहा है। महिला स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को ई-कॉमर्स और डिजिटल प्लेटफॉर्म से भी जोड़ा जा रहा है। महिलाओं को गुणवत्ता, पैकेजिंग, ब्रांडिंग, लेबलिंग, डिजिटल भुगतान और मार्केटिंग का प्रशिक्षण देकर उनके उत्पादों को राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने महिलाओं को सरकारी सेवाओं में 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिया है। महिलाओं की सुरक्षा और समान अधिकारों की दिशा में समान नागरिक संहिता लागू करना भी महत्वपूर्ण कदम है। सरकार मातृशक्ति के सम्मान, सुरक्षा, स्वाभिमान और आर्थिक आत्मनिर्भरता के लिए लगातार काम कर रही है।

BRIJESH SINGH
the authorBRIJESH SINGH