पणजी: ‘तहलका’ मैगजीन के पूर्व संपादक तरुण तेजपाल को 2013 के चर्चित यौन उत्पीड़न मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट की गोवा पीठ से बड़ा झटका लगा है। हाईकोर्ट ने गोवा की ट्रायल कोर्ट द्वारा 2021 में सुनाए गए बरी करने के फैसले को पलटते हुए तेजपाल को दोषी ठहराया है।अदालत अब इसी मामले में दोपहर 2:30 बजे सजा की अवधि पर अपना फैसला सुनाएगी।
ट्रायल कोर्ट के फैसले को बताया गलत
गोवा सरकार की ओर से पैरवी कर रहे एडवोकेट जनरल देवीदास पंगम ने फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि ट्रायल कोर्ट ने आरोपी को बरी कर गंभीर गलती की थी। उनके मुताबिक, मामले में पर्याप्त और मजबूत साक्ष्य मौजूद थे, जिनसे आरोप साबित होते थे। उन्होंने कहा कि ट्रायल कोर्ट के फैसले में पीड़िता के चरित्र पर अनावश्यक टिप्पणियां की गईं और उसके साथ ऐसा व्यवहार किया गया मानो वह खुद आरोपी हो। इसी वजह से राज्य सरकार ने उस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।
‘पीड़िता को मिला न्याय’
देवीदास पंगम ने कहा कि हाईकोर्ट का फैसला पीड़िता के लिए राहत लेकर आया है और यह पूरी तरह अदालत में पेश किए गए साक्ष्यों पर आधारित है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को संतोष है कि पीड़िता को आखिरकार न्याय मिला।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला 7 नवंबर 2013 का है। ‘तहलका’ मैगजीन की एक जूनियर महिला पत्रकार ने आरोप लगाया था कि गोवा में आयोजित थिंकफेस्ट कार्यक्रम के दौरान एक होटल की लिफ्ट में तरुण तेजपाल ने उसका यौन उत्पीड़न किया था। मामले की सुनवाई के बाद गोवा की ट्रायल कोर्ट ने मई 2021 में तरुण तेजपाल को सभी आरोपों से बरी कर दिया था। इसके खिलाफ गोवा सरकार ने बॉम्बे हाईकोर्ट की गोवा पीठ में अपील दायर की थी। अब हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट का फैसला पलटते हुए तरुण तेजपाल को दोषी ठहराया है। उनकी सजा की अवधि पर अदालत का फैसला दोपहर 2:30 बजे आने की संभावना है।




