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नए वित्त वर्ष के साथ बदले कई नियम, टोल-रजिस्ट्री महंगी, स्कूलों में अखबार पढ़ना अनिवार्य, यूपी में आज से क्या-क्या बदला?

1 अप्रैल 2026 से नए वित्त वर्ष की शुरुआत के साथ उत्तर प्रदेश समेत पूरे देश में कई नए नियम लागू हो गए हैं। इन बदलावों का सीधा असर आम लोगों की जेब और रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ेगा। सरकार के फैसलों के चलते खर्च बढ़ने के साथ कुछ नई व्यवस्थाएं भी लागू की गई हैं।

सबसे बड़ा असर प्रॉपर्टी खरीदने वालों पर पड़ा है। नोएडा, गाजियाबाद और लखनऊ जैसे शहरों में सर्कल रेट बढ़ने से प्रॉपर्टी रजिस्ट्री महंगी हो गई है। इसके साथ ही स्थानीय निकायों को 2 प्रतिशत तक अतिरिक्त स्टाम्प ड्यूटी या सेस लगाने का अधिकार दिया गया है, जिससे घर और जमीन खरीदना और महंगा हो गया है। हालांकि 10 लाख रुपये तक की संपत्ति की रजिस्ट्री में पैन-आधार की अनिवार्यता खत्म कर दी गई है, लेकिन पहचान के लिए वैकल्पिक प्रक्रिया लागू रहेगी।

हाईवे और एक्सप्रेसवे पर सफर भी अब महंगा हो गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और यूपीडा ने टोल टैक्स में 5 से 30 रुपये तक की बढ़ोतरी की है। हल्के वाहनों के लिए हर टोल प्लाजा पर 5 से 10 रुपये ज्यादा चुकाने होंगे। साथ ही नकद भुगतान पूरी तरह बंद कर दिया गया है और अब फास्टैग या ऑनलाइन माध्यम से ही टोल देना होगा। मासिक पास की दर भी बढ़ाकर 360 रुपये कर दी गई है।

प्रदेश में अब ओला-उबर जैसी कैब सेवाओं के लिए रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस लेना अनिवार्य कर दिया गया है। रजिस्ट्रेशन के लिए 25 हजार रुपये और लाइसेंस के लिए 5 लाख रुपये शुल्क तय किया गया है। लाइसेंस मिलने के बाद कंपनियां कितने भी वाहन संचालित कर सकेंगी। नवीनीकरण शुल्क 5 हजार रुपये रखा गया है और सभी वाहनों का पूरा विवरण ऐप पर उपलब्ध रहेगा।

नई आबकारी नीति लागू होने के बाद देसी शराब की कीमतों में भी इजाफा हुआ है। 36 प्रतिशत अल्कोहल वाली देसी शराब की बोतल अब 165 रुपये से बढ़कर 173 रुपये की हो गई है। इसके अलावा 100 एमएल का मिनी पैक 50 रुपये में उपलब्ध कराया गया है। अंग्रेजी शराब की कीमतों में भी 10 से 30 रुपये तक बढ़ोतरी की संभावना है। किसानों के लिए राहत की खबर यह है कि गेहूं की सरकारी खरीद के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य में 160 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। अब गेहूं 2585 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जाएगा।

शिक्षा के क्षेत्र में भी बदलाव किए गए हैं। नए शैक्षणिक सत्र से माध्यमिक विद्यालयों की प्रार्थना सभा में छात्रों को अखबार पढ़ना अनिवार्य किया गया है। इसका उद्देश्य बच्चों में पढ़ने की आदत विकसित करना और भाषा कौशल को मजबूत करना है। साथ ही स्कूलों में मोबाइल फोन लाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है। इन सभी नए नियमों के लागू होने से आम लोगों के खर्च में बढ़ोतरी के साथ जीवनशैली में भी बदलाव देखने को मिलेगा।

BRIJESH SINGH
the authorBRIJESH SINGH