काठमांडू, 27 अगस्त 2026। नेपाल में आई भीषण बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचा दी है। अलग-अलग इलाकों में अब तक 165 लोगों की मौत की खबर है, जबकि 750 से अधिक लोग लापता बताए जा रहे हैं। राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। बाढ़ से नेपाल के कई गांव और कस्बे प्रभावित हुए हैं। बड़ी संख्या में पुल बह गए, जबकि कई हाइड्रोपावर परियोजनाओं को भी नुकसान पहुंचा है। इस प्राकृतिक आपदा का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें अचानक तेज बहाव के बीच लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागते दिखाई दे रहे हैं। कुछ ही पलों में मलबे के साथ आया पानी आसपास के इलाके में तबाही मचा देता है। बाढ़ का असर नेपाल-तिब्बत सीमा से लगे इलाकों में सबसे ज्यादा देखने को मिला है।
भूकंप के बाद आई अचानक बाढ़
नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने संसद को बताया कि तिब्बत क्षेत्र में सुबह करीब 8:37 बजे स्थानीय समय के मुताबिक भूकंप आया था। इसके लगभग तीन मिनट बाद अचानक बाढ़ की सूचना मिली। अधिकारियों को आशंका है कि भूकंप के झटकों के कारण ग्लेशियर से जुड़ी कोई घटना हुई होगी, जिससे अचानक पानी का तेज बहाव आया। नेपाली अधिकारियों के मुताबिक बाढ़ का पानी भोटे कोशी नदी के रास्ते आगे बढ़ा और रसुवा तथा धाडिंग जिलों को प्रभावित किया। नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी के अनुसार, नेपाल-तिब्बत सीमा पर लहेंडे नदी में चट्टानों के खिसकने और पानी के तेज बहाव से स्थिति बिगड़ी। इसके बाद तिमुरे इलाके में भोटे कोशी और त्रिशूली नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया।
300 भारतीयों के लापता होने की जानकारी
बाढ़ के बाद बड़ी संख्या में भारतीय नागरिकों के संपर्क में नहीं होने की खबर है। बताया जा रहा है कि करीब 300 भारतीय लापता हैं, जिनमें कई कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए तीर्थयात्री भी शामिल हैं। प्रभावित लोगों की जानकारी जुटाने और उनके परिजनों की मदद के लिए भारतीय दूतावास समेत कई राज्य सरकारों ने हेल्पलाइन शुरू की है। तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, केरल, राजस्थान और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों के अधिकारी नेपाल में फंसे नागरिकों की जानकारी जुटा रहे हैं। सम्राट टूर्स एंड ट्रैवल एजेंसी के मुताबिक, कम से कम 59 भारतीय कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए तीर्थयात्रियों के इस आपदा से प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है।
चीन के हिस्से में भी भारी नुकसान
नेपाल के अलावा चीन की सीमा से लगे इलाके भी बाढ़ की चपेट में आए हैं। नेपाल पुलिस के मुताबिक देश में बाढ़ से मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। वहीं चीन के सरकारी सीजीटीएन की रिपोर्ट के अनुसार, सीमा के चीनी हिस्से में भी तीन लोगों की मौत हुई है और 265 लोग लापता बताए गए हैं।फिलहाल दोनों देशों में राहत और बचाव अभियान जारी है। खराब मौसम, मलबे और क्षतिग्रस्त सड़कों-पुलों के कारण प्रभावित इलाकों तक पहुंचने में बचाव दलों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।




