InternationalTop News

नॉर्वे के लेखक जॉन फॉसे को मिला साहित्य का नोबेल पुरस्कार, अनकही भावनाओं को देते हैं आवाज 

स्टॉकहोम। साल 2023 के साहित्य के नोबेल पुरस्कार का ऐलान हो गया है। इस बार साहित्य का नोबेल पुरस्कार नॉर्वेजियन लेखकर जॉन फॉसे को दिया गया है। यह पुरस्कार उनके अभिनव नाटकों और गद्य के लिए दिया गया है जो अनकही भावनाओं को आवाज देते हैं।

साल 2022 में यह पुरस्कार फ्रांसीसी लेखिका एनी एनॉक्स को दिया गया था। एनी ने अपनी लेखनी के जरिए साहसिक क्लिनिकल एक्यूटी (clinical acuity) पर कई लेख लिखे हैं। एनी ने फ्रेंच, इंग्लिश में कई उपन्यास, लेख, नाटक और फिल्में भी लिखी हैं।

जॉन फॉसे की लेखनी में भावनाओं का जिक्र

जॉन फॉसे ने उपन्यासों को एक ऐसी शैली में लिखा है जिसे ‘फॉसे मिनिमलिज्म’ के नाम से जाना जाता है। इसे उनके दूसरे उपन्यास ‘स्टेंग्ड गिटार’ (1985) में देखा जा सकता है। फासे अपनी लेखनी में उन कष्टप्रद भावनाओं को शब्दों में जिक्र करते हैं, जिसे सामान्य तौर पर लिखना मुश्किल होता है।

स्टेंग्ड गिटार में उन्होंने लिखा कि एक नौजवान मां कूड़ा-कचरा नीचे फेंकने के लिए अपने फ्लैट से बाहर निकलती है, लेकिन खुद को बाहर बंद कर लेती है, जबकि उसका बच्चा अभी भी अंदर है। उसे जाकर मदद मांगनी है, लेकिन वह ऐसा करने में असमर्थ है क्योंकि वह अपने बच्चे को छोड़ नहीं सकती।

जॉन फॉसे की टार्जेई वेसास के साथ समानता

जॉन फॉसे और नॉर्वेजियन नाइनोर्स्क साहित्य के भीष्म पितामह कहे जाने वाले टार्जेई वेसास के साथ बहुत कुछ समानता है। फॉसे आधुनिकतावादी कलात्मक तकनीकों के साथ भाषाई और भौगोलिक दोनों तरह के मजबूत स्थानीय संबंधों को जोड़ते हैं।

उन्होंने अपने वॉल्वरवांड शाफ्टन में सैमुअल बेकेट, थॉमस बर्नहार्ड और जॉर्ज ट्राकल जैसे नाम शामिल किए हैं। वहीं, वे अपने पूर्ववर्तियों के नकारात्मक दृष्टिकोण को साझा करते हैं, उनकी विशेष ज्ञानवादी दृष्टि को दुनिया की शून्यवादी अवमानना के परिणाम के रूप में नहीं कहा जा सकता है।

=>
=>
loading...
BRIJESH SINGH
the authorBRIJESH SINGH