नई दिल्ली। नगदी की कमी होने से श्रीलंका इस समय अभूतपूर्व ईंधन संकट से भी गुजर रहा है। उसके पास पेट्रोल, डीजल नहीं है।इसे देखते हुए श्रीलंका के शिक्षा मंत्रालय ने 4 जुलाई से खुलने वाले सभी सरकारी और राज्य सरकार द्वारा संचालित निजी स्कूलों की छुट्टी एक हफ्ते के लिए बढ़ा दी है।
श्रीलंका के ऊर्जा मंत्री ने साफ कहा है कि उनके देश में अब कुछ ही दिनों की जरूरतों को पूरा करने भर का तेल बचा है। उन्होंने अन्य देशों में रह रहे श्रीलंका के प्रवासियों से पैसे भेजने को कहा है, ताकि उनका देश तेल खरीद सके। अधिकारियों के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि श्रीलंका के ऊपर भारी विदेशी कर्ज का बोझ है और वह किस्तें चुकाने में असमर्थ हो रहा है। इस कारण सप्लायर्स क्रेडिट पर तेल देने से मना कर रहे हैं। अभी जो देश में तेल का स्टॉक बचा है, उससे स्वास्थ्य, सार्वजनिक परिवहन और खाद्य वितरण जैसे जरूरी काम कुछ ही दिन चलाए जा सकते हैं।
बता दें कि इस साल मार्च से श्रीलंका लगातार आर्थिक संकट से जूझ रहा है. करीब 2 महीने पहले ही वह दिवालिया भी घोषित हो चुका है. श्रीलंका पर काफी कर्ज है. देश में आर्थिक संकट की वजह से काफी हिंसक प्रदर्शन भी हुए. इसके बाद राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे के भाई महिंदा राजपक्षे को प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था.




