उत्तर प्रदेश की सियासत में समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) अध्यक्ष ओपी राजभर के बीच जुबानी जंग एक बार फिर तेज हो गई है। यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री ओपी राजभर ने अखिलेश यादव के एक हालिया इंटरव्यू को लेकर उन पर निशाना साधा है। राजभर ने सवाल उठाया कि जब अखिलेश यादव खुद को यदुवंशी बताते हैं तो फिर भगवान श्री कृष्ण का नाम लेने से परहेज क्यों करते हैं? दरअसल, ओपी राजभर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए अखिलेश यादव के इंटरव्यू का जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि इंटरव्यू के दौरान पत्रकार ने अखिलेश यादव से पूछा था कि वह ‘जय श्री राम’ बोलेंगे या ‘जय श्री कृष्ण’। राजभर का आरोप है कि सवाल का सीधा जवाब देने के बजाय अखिलेश ने बातचीत का रुख बदल दिया।
’18 फीसदी वोट का इतना डर क्यों?’
ओपी राजभर ने इसी मुद्दे को लेकर सपा प्रमुख पर राजनीतिक तंज कसा। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या 18 फीसदी वोट बैंक की चिंता इतनी ज्यादा है कि अखिलेश यादव भगवान श्री कृष्ण का नाम भी खुलकर नहीं ले सकते। राजभर ने यह भी कहा कि अगर यही स्थिति बनी रही तो आने वाले समय में अखिलेश यादव की अपनी बिरादरी के लोग भी उनसे सवाल कर सकते हैं। राजभर ने अखिलेश यादव की धार्मिक कार्यक्रमों में मौजूदगी को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश कुछ समुदायों से जुड़े आयोजनों को लेकर खुलकर अपनी बात रखते हैं, जबकि भगवान श्री कृष्ण को लेकर उनका रुख अलग दिखाई देता है।
कृष्ण जन्मभूमि मंदिर को लेकर भी साधा निशाना
सुभासपा प्रमुख ने अपने बयान में मथुरा स्थित श्री कृष्ण जन्मभूमि का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अखिलेश यादव को भगवान श्री कृष्ण की जन्मभूमि पर भव्य मंदिर की मांग का समर्थन करना चाहिए। ओपी राजभर ने आखिर में अखिलेश यादव को श्री कृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं भी दीं। हालांकि, शुभकामनाओं के साथ उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें उम्मीद है कि भविष्य में अखिलेश यादव भगवान श्री कृष्ण की जन्मभूमि से जुड़े मंदिर निर्माण की मांग का समर्थन करेंगे।
अखिलेश पर राजभर के हमले के सियासी मायने
ओपी राजभर का यह बयान ऐसे समय आया है जब उत्तर प्रदेश की राजनीति में जातीय समीकरण और वोट बैंक को लेकर लगातार बयानबाजी हो रही है। राजभर पहले भी अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी की रणनीति पर सवाल उठाते रहे हैं। अब भगवान श्री कृष्ण के नाम और यदुवंशी पहचान को लेकर उनका ताजा हमला यूपी की सियासत में नई बहस को जन्म दे सकता है।




