प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को फ्रांस और स्लोवाकिया की अहम विदेश यात्रा पर रवाना हो गए। इस दौरे का उद्देश्य यूरोपीय देशों के साथ भारत के आर्थिक, तकनीकी और रणनीतिक संबंधों को नई मजबूती देना है। अपनी यात्रा के दौरान पीएम मोदी कई द्विपक्षीय बैठकों, वैश्विक कार्यक्रमों और भारतीय समुदाय से जुड़े आयोजनों में हिस्सा लेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी ने रवाना होने से पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि उनकी यात्रा का मुख्य फोकस आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों को आगे बढ़ाना रहेगा। फ्रांस के नीस शहर में वह ‘भारत इनोवेट्स’ कार्यक्रम में शामिल होंगे, जहां फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों भी मौजूद रहेंगे।
भारत और फ्रांस इस समय ‘भारत-फ्रांस इनोवेशन वर्ष’ मना रहे हैं। ऐसे में यह कार्यक्रम दोनों देशों के स्टार्टअप्स, इनोवेटर्स और टेक्नोलॉजी क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए बड़ा मंच माना जा रहा है। नीस में प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों के बीच द्विपक्षीय वार्ता भी होगी। इस दौरान दोनों नेता भारत-फ्रांस की ‘विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी’ की समीक्षा करेंगे और रक्षा, तकनीक, व्यापार व निवेश समेत कई मुद्दों पर चर्चा करेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी फ्रांस के बाद स्लोवाकिया का भी दौरा करेंगे। यह यात्रा स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको के निमंत्रण पर हो रही है। पीएम मोदी 18 जून को पेरिस में आयोजित होने वाले VivaTech 2026 कार्यक्रम में भी हिस्सा लेंगे। यह यूरोप का सबसे बड़ा टेक्नोलॉजी और इनोवेशन समिट माना जाता है। खास बात यह है कि इस बार आयोजन में भारत का सबसे बड़ा नेशनल पवेलियन लगाया जाएगा।
सरकार का मानना है कि इससे भारतीय और यूरोपीय टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम के बीच नई साझेदारियों को बढ़ावा मिलेगा। प्रधानमंत्री मोदी पेरिस में भारतीय समुदाय के लोगों से भी मुलाकात करेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह यात्रा यूरोप और G7 देशों के साथ भारत के बढ़ते सहयोग को और मजबूत करेगी। उन्होंने कहा कि भारत वैश्विक मंच पर ‘ग्लोबल साउथ’ की एक मजबूत आवाज के तौर पर उभर रहा है और अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों के समाधान में अहम भूमिका निभा रहा है। सरकार के मुताबिक, इस दौरे से इनोवेशन, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और उद्यमिता के क्षेत्र में भारत की वैश्विक पहचान को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।




