नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए युवाओं और शिक्षा को लेकर कई अहम घोषणाएं कीं। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार अगले एक साल में एक करोड़ युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) स्किल्स की ट्रेनिंग देने का लक्ष्य लेकर चल रही है। इसका उद्देश्य भारतीय युवाओं को AI के क्षेत्र में नेतृत्व करने के लिए तैयार करना है। पीएम मोदी ने कहा कि भारत के युवाओं में अपार प्रतिभा और क्षमता है। AI तेजी से दुनिया को बदल रहा है और ऐसे में भारतीय युवाओं को इस तकनीक के इस्तेमाल के साथ-साथ इसके विकास में भी आगे बढ़ना होगा।
युवाओं को मिलेगी मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग
प्रधानमंत्री ने प्रतियोगी और अन्य परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराने की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और तैयारी के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।इसके अलावा, खेल प्रतिभाओं को शुरुआती स्तर पर पहचानने के लिए गांवों और शहरों में 5 से 15 वर्ष की उम्र के बच्चों के लिए देशव्यापी स्पोर्ट्स टैलेंट हंट अभियान चलाने की बात भी प्रधानमंत्री ने कही।
शिक्षा के क्षेत्र में विस्तार का दावा
शिक्षा के क्षेत्र में सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि 2014 के बाद देश में विश्वविद्यालयों और मेडिकल कॉलेजों की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। उनके मुताबिक, 2004 से 2014 के बीच देश में 350 से कम विश्वविद्यालय थे, जबकि पिछले 10-12 वर्षों में करीब 650 नए विश्वविद्यालय जुड़े हैं और कुल संख्या लगभग 1,000 तक पहुंच गई है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि 2014 से पहले देश में करीब 400 मेडिकल कॉलेज थे, जबकि अब इनकी संख्या बढ़कर लगभग 850 हो गई है। उन्होंने यह भी कहा कि विदेशी विश्वविद्यालयों के भारत आने से देश के युवाओं को अब भारत में रहते हुए अंतरराष्ट्रीय संस्थानों से डिग्री हासिल करने के नए अवसर मिल रहे हैं।
कम उम्र से टेक्नोलॉजी और इनोवेशन पर जोर
पीएम मोदी ने कहा कि सरकार बच्चों में तकनीक और नवाचार के प्रति रुचि विकसित करने के लिए कम उम्र से ही प्रयास कर रही है। इसी दिशा में देशभर में 10,000 से अधिक अटल टिंकरिंग लैब स्थापित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि इन लैब के जरिए बच्चों को प्रयोग, इनोवेशन और नई तकनीकों से परिचित होने का अवसर मिल रहा है। प्रधानमंत्री ने इसे भविष्य की टेक्नोलॉजी आधारित अर्थव्यवस्था के लिए जरूरी कदम बताया।
स्टार्टअप से स्पेस सेक्टर तक युवाओं की भागीदारी
प्रधानमंत्री ने ‘स्टार्टअप इंडिया’ का जिक्र करते हुए कहा कि भारत के युवाओं ने उद्यमिता और तकनीक के क्षेत्र में नए अवसर पैदा किए हैं। उन्होंने बताया कि करीब 28 वर्ष की औसत उम्र वाले युवा उद्यमियों ने सैटेलाइट और रॉकेट लॉन्च करने जैसी उपलब्धियां हासिल की हैं।पीएम मोदी के मुताबिक, भारत में अब 2.5 लाख से अधिक रजिस्टर्ड स्टार्टअप हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए नए क्षेत्रों के दरवाजे खुले हैं और आने वाले समय में AI जैसी उभरती तकनीकें इन अवसरों को और व्यापक बनाएंगी।प्रधानमंत्री ने हाल में आयोजित AI इम्पैक्ट समिट का भी उल्लेख किया और कहा कि AI बहुत तेजी से विस्तार कर रहा है। ऐसे में भारत के युवाओं को इस बदलाव का नेतृत्व करने के लिए तैयार करना देश के भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।




