नई दिल्ली। सुर साम्राज्ञी लता मंगेशकर ने रविवार को 92 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया। लता मंगेशकर के सम्मान में सोमवार को राज्यसभा की कार्यवाही एक घंटे के लिए स्थगित कर दी गई। सुबह 10 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होने के तुरंत बाद सभापति वेंकैया नायडू ने लता मंगेशकर के निधन पर दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उनका गायन कौशल हमारे देश जितना ही विविध है।
लता जी ने सामूहिक रूप से और हम में से प्रत्येक को हमारी विलक्षणता में प्रतिनिधित्व करके हमारे राष्ट्र को बुना है। कई भाषाओं में अपने हजारों मधुर गीतों के माध्यम से पाश्र्व गायन के स्वर्ण मानक को परिभाषित करने के अलावा, उन्होंने हमारे देश के हर मूड, पल और यात्रा पर सात दशक तक राज किया है।
राज्यसभा के सभापति ने कहा कि उनका प्रतिष्ठित और लंबा करियर पिछले 75 वर्षों में स्वतंत्र भारत के समानांतर चला। आजादी के 75 वें वर्ष में उनके निधन से भारत उदास है।
उन्होंने यह भी कहा कि वह एक महान परोपकारी थीं और उन्होंने लता मंगेशकर मेडिकल फाउंडेशन की स्थापना की, जो एक सार्वजनिक धर्मार्थ ट्रस्ट है, जो जाति, पंथ और धर्म के बावजूद जरूरतमंद रोगियों के चिकित्सा खर्च में योगदान देता है। उन्होंने मास्टर दीनानाथ मंगेशकर स्मृति प्रतिष्ठान भी शुरू किया, जो छात्रों को सहायता प्रदान करता है और वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण में योगदान देता है।




