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सहारा के निवेशकों के लिए राहत भरी खबर, पैसे वापस करने का ‘सुप्रीम’ आदेश  

नई दिल्ली। सहारा की चिट फंड योजनाओं में पैसे फंसा चुके लोगों को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने सेबी-सहारा फंड से 5 हज़ार करोड़ रुपए इन निवेशकों के लिए जारी करने की केंद्र सरकार को अनुमति दे दी है। निवेशकों से धोखाधड़ी के एक दूसरे मामले में 2012 में बने इस फंड में लगभग 24 हज़ार करोड़ रुपए जमा हैं।

1.1 करोड़ निवेशकों को वापस होगा भुगतान

दरअसल केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। जिसमें सरकार ने कहा था कि कई चिट फंड कंपनियों और सहारा क्रेडिट फर्मों में निवेश करने वाले जमाकर्ताओं को उनका पैसा वापस लौटाया जाए।

सुप्रीम कोर्ट से याचिका स्वीकार होने के बाद अब केंद्र सरकार 24000 करोड़ के कुल फंड में से निवेशकों को 5000 करोड़ का आवंटन कर सकेगी। इस रकम से 1.1 करोड़ निवेशकों के पैसों का भुगतान किया जा सकेगा।

हाईकोर्ट की निगरानी में वापस होगा पैसा

न्यायमूर्ति एमआर शाह और न्यायमूर्ति सीटी रविकुमार की पीठ ने कहा कि सहारा समूह की सहकारी समितियों द्वारा ठगे गए जमाकर्ताओं को उनका पैसा वापस किया जाए। वहीं, पीठ ने यह भी कहा कि इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति आर सुभाष रेड्डी करेंगे।

सरकार ने की थी फंड लेने की मांग

केंद्र सरकार ने सेबी-सहारा रिफंड अकाउंट नामक एक फंड से 5,000 करोड़ रुपये की राशि लेने की मांग की गई थी, जो अगस्त 2012 में शीर्ष अदालत द्वारा दो सहारा फर्मों – सहारा इंडिया रियल एस्टेट कॉरपोरेशन लिमिटेड और सहारा हाउसिंग इंडिया कॉरपोरेशन लिमिटेड (एसएचआईसीएल) को निर्देशित करने के बाद बनाई गई थी।

BRIJESH SINGH
the authorBRIJESH SINGH