इंडिया ब्लॉक के सांसदों के चुनाव आयोग के खिलाफ प्रस्तावित विरोध मार्च से पहले बीजेपी सांसद और राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर विपक्ष के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि बीजेपी की मदद ज्ञानेश कुमार नहीं बल्कि भगवान गणेश कर रहे हैं। संबित पात्रा ने कहा कि भगवान गणेश बुद्धि, विद्या, ज्ञान और विवेक के देवता हैं। उन्होंने कहा कि देश की जनता के पास भी इतना विवेक और ज्ञान है कि वह तय कर सकती है कि किसे अपना वोट देना है।
‘जनता जानती है किसे वोट देना है’
फॉर्म-6 को लेकर कांग्रेस के सवालों पर संबित पात्रा ने राहुल गांधी पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश की जनता परिवारवाद और भ्रष्टाचार की राजनीति करने वालों के साथ नहीं है। पात्रा ने आरोप लगाया कि विपक्ष ऐसे लोगों के साथ खड़ा दिखाई देता है जो देशहित के मुद्दों पर चुप रहते हैं। बीजेपी नेता ने कहा कि जनता को वोट ऐसे नेतृत्व को देना चाहिए जो देश को मजबूत बनाने और उसे किसी के सामने न झुकने की बात करता है।
Form-6 को लेकर क्या बोले संबित पात्रा
संबित पात्रा ने कहा कि कुछ समय पहले मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी। सोमवार को कोर्ट की कार्यवाही के बाद राहुल गांधी की ओर से सवाल उठाए गए। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि Form-6 में कोई बदलाव नहीं किया गया है। SIR यानी विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया के लिए Form-6 के साथ एक घोषणा पत्र जोड़ा गया है। पात्रा ने कहा कि इस मुद्दे को लेकर विपक्ष की ओर से लोगों के बीच भ्रम पैदा करने की कोशिश की जा रही है।
‘संवैधानिक संस्थाओं को लगातार निशाना बना रहा विपक्ष’
संबित पात्रा ने आरोप लगाया कि पिछले कुछ समय से कांग्रेस और विपक्षी दल लगातार देश की महत्वपूर्ण संस्थाओं पर सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना, सुप्रीम कोर्ट, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड और ईवीएम को लेकर भी विपक्ष की ओर से सवाल खड़े किए गए हैं। उन्होंने कहा कि अब चुनाव आयोग को निशाना बनाया जा रहा है। पात्रा ने दावा किया कि कांग्रेस एक बार फिर विरोध प्रदर्शन के जरिए देश में अराजकता का माहौल बनाने की कोशिश कर सकती है।
राहुल गांधी पर पात्रा का बड़ा तंज
राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए बीजेपी नेता ने कहा कि कांग्रेस लंबे समय से उन्हें राजनीति में लॉन्च और री-लॉन्च करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई प्रयासों के बावजूद राहुल गांधी को अपेक्षित राजनीतिक सफलता नहीं मिली तो अब कांग्रेस और उसके सहयोगी लोकतांत्रिक संस्थाओं को निशाना बना रहे हैं। पात्रा ने कहा कि विपक्ष की ओर से किया जा रहा विरोध अचानक नहीं है बल्कि एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल लोकतंत्र के नाम पर अराजकता पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं।
चुनाव आयोग के खिलाफ सड़क पर उतरे विपक्षी सांसद
इस बीच मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने और SIR को रद्द करने की मांग को लेकर इंडिया ब्लॉक के सांसदों ने संसद मार्ग से चुनाव आयोग मुख्यालय तक मार्च निकालने की कोशिश की। हालांकि, सुरक्षा बलों ने सांसदों को निर्वाचन सदन की ओर बढ़ने से रोक दिया। मार्च रोके जाने के बाद विपक्षी सांसद सड़क पर ही धरने पर बैठ गए। इस दौरान कई सांसदों को हिरासत में लिया गया। विरोध प्रदर्शन के बीच लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा कुछ अन्य नेताओं के साथ आकाशवाणी भवन परिसर में पहुंच गए। वहां उन्होंने पेड़ के नीचे बैठकर विरोध दर्ज कराया। विपक्षी सांसदों का कहना है कि SIR और चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर उनकी आपत्तियों का समाधान होना चाहिए। वहीं बीजेपी ने विपक्ष के इस प्रदर्शन को संवैधानिक संस्थाओं पर दबाव बनाने की कोशिश बताया है।




