कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद कांग्रेस नेता सिद्धारमैया ने पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और वरिष्ठ नेता राहुल गांधी से मुलाकात की। माना जा रहा है कि इस बैठक में कर्नाटक की नई राजनीतिक रणनीति, मंत्रिमंडल गठन और सिद्धारमैया की भविष्य की भूमिका को लेकर अहम चर्चा हुई। राज्यपाल द्वारा इस्तीफा स्वीकार किए जाने के एक दिन बाद सिद्धारमैया दिल्ली पहुंचे। हालांकि उन्होंने पहले ही राज्यसभा जाने की संभावनाओं को खारिज कर दिया है। सिद्धारमैया का कहना है कि वह कर्नाटक की राजनीति में सक्रिय रहना चाहते हैं और किसी केंद्रीय भूमिका में उनकी रुचि नहीं है।
खरगे ने की सिद्धारमैया की तारीफ
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सिद्धारमैया के साथ मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा कीं। उन्होंने लिखा कि सिद्धारमैया का सार्वजनिक जीवन गरिमा, करुणा और सामाजिक न्याय के प्रति समर्पण का उदाहरण रहा है। खरगे ने कहा कि साधारण पृष्ठभूमि से निकलकर दो बार कर्नाटक के मुख्यमंत्री बनने तक सिद्धारमैया ने हमेशा समानता और समाज के वंचित वर्गों के हितों को प्राथमिकता दी। उन्होंने पार्टी और राज्य के लिए उनके योगदान की सराहना करते हुए उनके अच्छे स्वास्थ्य और सक्रिय राजनीतिक जीवन की कामना की।
राहुल गांधी के साथ हुई लंबी बैठक
सूत्रों के अनुसार सिद्धारमैया ने राहुल गांधी से करीब एक घंटे तक मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री पद पर काम करने का मौका देने के लिए पार्टी नेतृत्व का आभार जताया और बताया कि उन्होंने पार्टी के निर्देश के अनुसार इस्तीफा दे दिया है। राजनीतिक सूत्रों का कहना है कि सिद्धारमैया ने अपने बेटे और करीबी नेताओं को नई सरकार में अहम जिम्मेदारी देने की मांग भी रखी है। इसमें उपमुख्यमंत्री पद की मांग भी शामिल बताई जा रही है।
कर्नाटक में बन सकते हैं चार डिप्टी सीएम
कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक सिद्धारमैया, डीके शिवकुमार और रणदीप सुरजेवाला जल्द ही पार्टी हाईकमान के साथ आगे की रणनीति पर विस्तृत चर्चा करेंगे। बैठक में राज्यसभा उम्मीदवारों, एमएलसी चयन और मंत्रिमंडल फेरबदल जैसे मुद्दों पर भी फैसला लिया जा सकता है। सूत्रों के अनुसार सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखने के लिए कर्नाटक में चार उपमुख्यमंत्री बनाए जाने पर विचार किया जा रहा है। वहीं PWD मंत्री सतीश जारकीहोली को कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC) अध्यक्ष पद की पेशकश की गई है। पार्टी ने उन्हें कैबिनेट मंत्री या KPCC अध्यक्ष में से एक पद चुनने का विकल्प दिया है। सतीश जारकीहोली ने कहा है कि वह सिद्धारमैया से चर्चा के बाद अंतिम फैसला लेंगे।




