नई दिल्ली। टीम इंडिया के पूर्व महान बल्लेबाज़ सचिन तेंदुलकर ने खुलासा करते हुए बताया है कि आखिर भारतीय टीम को विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) फाइनल में न्यूज़ीलैंड के हाथों क्यों हार झेलनी पड़ी। सचिन ने कहा कि पहले कुछ दिनों में धूप की कमी के कारण स्पिनर कभी खेल में नहीं आए, खासकर बाएं हाथ के स्पिनर रवींद्र जडेजा जिन्होंने पहली पारी में केवल 7.2 ओवर फेंके। जडेजा ने हालांकि छठे दिन दूसरी पारी में केवल आठ ओवर फेंके जब सूरज निकला।
सचिन ने कहा, देखिए जब आप पांच गेंदबाजों को लेकर खेलते हैं, तो यह असंभव है कि सभी पांच गेंदबाजों को समान ओवर मिले। यह उस तरह से काम नहीं करता है। आपको पिच की स्थिति, ओवरहेड की स्थिति, हवा से मिलने वाली मदद को ध्यान में रखना होगा। उसी के अनुसार आप फैसला करते हैं।
तेंदुलकर ने कहा कि उन्होंने रविचंद्रन अश्विन को पहली पारी में जडेजा (7.2-2-20-1) की तुलना में अधिक ओवर (15-5-28-2) गेंदबाजी कराने के पीछे के तर्क को समझा, क्योंकि न्यूजीलैंड के बाएं हाथ की गति द्वारा बनाए गए फुटमार्क थे। गेंदबाजों और विपक्ष के पास बाएं हाथ के बल्लेबाज थे। उन्होंने दूसरी पारी में जडेजा को बदकिस्मत बताया। सचिन ने कहा कि साउथेम्प्टन की पिच तेज गेंदबाजों के अनुकूल है न कि स्पिनरों के लिए।




