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सुनील गावस्कर की BCCI को सलाह: खिलाड़ियों को मिले साल में एक महीने का ब्रेक, फैंस को भी चाहिए आराम

भारत और अफगानिस्तान के बीच हाल ही में समाप्त हुई वनडे सीरीज में टीम इंडिया ने 3-0 से क्लीन स्वीप कर शानदार प्रदर्शन किया। हालांकि, इस सीरीज के बाद पूर्व भारतीय कप्तान और दिग्गज बल्लेबाज Sunil Gavaskar ने भारतीय क्रिकेट के व्यस्त कार्यक्रम और खिलाड़ियों पर बढ़ते काम के बोझ को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने BCCI से खिलाड़ियों के हित में अहम कदम उठाने की अपील की है।

गावस्कर का मानना है कि भारतीय खिलाड़ियों को हर साल कम से कम एक महीने का अनिवार्य आराम मिलना चाहिए, ताकि उनकी फिटनेस बेहतर बनी रहे और उनका करियर लंबा चल सके। उन्होंने कहा कि लगातार क्रिकेट खेलने से खिलाड़ियों पर शारीरिक और मानसिक दबाव बढ़ता है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

अपने कॉलम में गावस्कर ने लिखा कि BCCI हमेशा अफगानिस्तान, जिम्बाब्वे और श्रीलंका जैसे देशों के क्रिकेट विकास में सहयोग करता रहा है और बड़े भाई की भूमिका निभाता है। लेकिन अब समय आ गया है कि भारतीय खिलाड़ियों की सेहत और फिटनेस को भी सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि भारत के पास प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की कोई कमी नहीं है, इसलिए रोटेशन नीति अपनाई जा सकती है। हालांकि, उनका मानना है कि केवल किसी वरिष्ठ खिलाड़ी को आराम देने के लिए नए खिलाड़ी को इंडिया कैप देना सही नहीं है। इंडिया कैप का सम्मान बरकरार रहना चाहिए और इसे प्रदर्शन के आधार पर अर्जित किया जाना चाहिए।

भारत खेले तो सर्वश्रेष्ठ टीम उतरे मैदान में

गावस्कर ने खिलाड़ियों को वर्कलोड मैनेजमेंट के नाम पर आराम देने की मौजूदा नीति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब भी भारत मैदान पर उतरे, तब देश की सर्वश्रेष्ठ टीम खेलनी चाहिए, बशर्ते खिलाड़ी चोटिल न हों। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि अफगानिस्तान के खिलाफ टेस्ट में शुभमन गिल और केएल राहुल ने शतक लगाए, जबकि मानव सुथार ने प्रभावशाली डेब्यू किया। वहीं जसप्रीत बुमराह को आराम दिया गया। गावस्कर का मानना है कि ऐसे मैचों में भी शीर्ष खिलाड़ियों को खेलने का अवसर मिलना चाहिए, क्योंकि हर मुकाबला उनके करियर के आंकड़ों और अनुभव में योगदान देता है।

युवा खिलाड़ियों के लिए अलग मंच की वकालत

पूर्व कप्तान ने कहा कि यदि युवा खिलाड़ियों को अवसर देना है तो उसके लिए इंडिया ए और अंडर-19 टीमों के दौरे सबसे उपयुक्त मंच हैं। इससे भविष्य के खिलाड़ियों को अनुभव मिलेगा और राष्ट्रीय टीम की प्रतिस्पर्धात्मकता भी बनी रहेगी।

खिलाड़ियों के साथ फैंस को भी चाहिए ब्रेक

गावस्कर ने BCCI से फैंस के दृष्टिकोण पर भी विचार करने की अपील की। उन्होंने कहा कि भारतीय क्रिकेट कैलेंडर इतना व्यस्त हो गया है कि लगभग हर महीने कहीं न कहीं मैच खेले जा रहे हैं। ऐसे में खिलाड़ियों के साथ-साथ दर्शकों को भी क्रिकेट से एक छोटा ब्रेक मिलना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि भविष्य में यदि IPL का कार्यक्रम पहले शुरू और समाप्त किया जाता है, तो BCCI को ऐसा शेड्यूल तैयार करना चाहिए जिसमें भारतीय खिलाड़ियों और क्रिकेट प्रेमियों दोनों को साल में कम से कम एक महीने का विश्राम मिल सके।

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BRIJESH SINGH
the authorBRIJESH SINGH