Top NewsUttar Pradesh

ऐतिहासिक और अभूतपूर्व होगा इस वर्ष का अयोध्या दीपोत्सव: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

● मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने शुक्रवार देर रात अयोध्या दीपोत्सव के भव्य आयोजन की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में शासन स्तर के उच्चाधिकारी उपस्थित रहे, जबकि अयोध्या जिला प्रशासन के अधिकारियों ने वर्चुअल माध्यम से सहभाग किया।

बैठक में मुख्यमंत्री जी द्वारा दिए गए प्रमुख दिशा-निर्देश

● यह हम सभी के लिए गर्व और उल्लास का अवसर है कि इस वर्ष अयोध्या दीपोत्सव में आदरणीय प्रधानमंत्री जी की गरिमामयी उपस्थिति हो रही है। इस वर्ष का दीपोत्सव ऐतिहासिक होगा। विगत पांच वर्ष से लगातार भव्य-दिव्य अयोध्या दीपोत्सव का आयोजन हो रहा है। हर वर्ष रिकॉर्ड दीपों का प्रज्ज्वलन कर यह आयोजन वैश्विक मंच पर नई ऊंचाइयों को स्पर्श कर रहा है। इस वर्ष हम अपने ही पिछले रिकॉर्ड को तोड़कर एक नया कीर्तिमान रचेंगे।

● दीपोत्सव उल्लास और उत्साहका अवसर है। बड़ी संख्या में स्थानीय जनता और देश-विदेश से पर्यटक इसमें सहभागिता के उत्सुक होंगे। ऐसे में जनता की भावनाओं का पूरा सम्मान किया जाए। आमजन के आवागमन, बैठने की समुचित व्यवस्था होनी चाहिए। भीड़ नियंत्रण में लगे पुलिस बल का व्यवहार सरल और सहयोगी हो। किसी भी श्रद्धालु अथवा पर्यटक को अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े।

● अयोध्या दीपोत्सव का कार्यक्रम अपनी भव्यता के लिए आज पूरी दुनिया में पहचान बना रहा है। ऐसे में समारोह की गरिमा का पूरा ध्यान रखते हुए सभी तैयारियां की जानी चाहिए। 23 अक्टूबर के मुख्य समारोह से पूर्व पूरे कार्यक्रम का एक बार पूर्वाभ्यास कर लिया जाए। मुख्य समारोह से पूर्व पूरे जनपद में स्वच्छता व सैनिटाइजेशन का विशेष अभियान चलाया जाए।

● दीपोत्सव हमारी सनातन परंपरा का अभिन्न हिस्सा है। यह मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण जी के 14 वर्ष के वन प्रवास के उपरांत अयोध्या लौटने की पावन स्मृति स्वरूप है। अयोध्या दीपोत्सव में भगवान श्रीराम की अयोध्या वापसी, भरत मिलाप, श्रीराम राज्याभिषेक आदि प्रसंगों का प्रतीकात्मक चित्रण भी होगा। प्रधानमंत्री जी द्वारा सरयू मइया की आरती भी उतारी जाएगी। इन विशिष्ट अवसरों पर समयानुकूल सुमधुर भजन/आरती/मानस की चौपाइयां व दोहा आदि का गायन होना चाहिए। इससे समारोह और अधिक शोभायमान और अविस्मरणीय होगा।

● दीपोत्सव की भव्यता निहारने बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन की सहभागिता होगी। आदरणीय प्रधानमंत्री जी, राज्यपाल महोदया, मंत्रीगण सहित अनेक गणमान्य जनों की उपस्थिति भी होगी। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम होने चाहिए। प्रधानमंत्री जी की सुरक्षा व्यवस्था के मानकों का अक्षरश: अनुपालन कराया जाना सुनिश्चित करें। गलती की कोई गुंजाइश नहीं होनी चाहिए।

● अयोध्या जिले की सीमा से लगे बस्ती, रायबरेली, गोंडा, बाराबंकी आदि जिलों को अलर्ट पर रहना होगा। 22 अक्टूबर से प्रभावी किये जा रहे रुट डायवर्जन के संबंध में आम जनमानस को विधिवत जानकारी दी जानी चाहिए। अयोध्या जनपद की सभी सीमा पर एडिशनल एसपी स्तर के अधिकारियों की तैनाती की जाए।

● सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिगत अयोध्या जनपद के सभी होटलों/धर्मशालाओं से संपर्क बनाए रखें। यहां प्रवास कर रहे लोगों की पूरी जानकारी रखी जाए।

● दीपोत्सव के दौरान दीप प्रज्ज्वलित करने के बाद जब तक दीये की बाती स्वतः नहीं बुझती उसकी देखरेख की जानी चाहिए। समारोह संपन्न होने के उपरांत दीपकों को इकट्ठा करने के लिए वालंटियर तैयार रखे जाएं।

● अयोध्या जनपद में जगह-जगह पर समारोह का सीधा प्रसारण किया जाना चाहिए, ताकि अधिकाधिक जन दीपोत्सव से जुड़ सकें। मुख्य समारोह संपन्न होने के बाद लोग आसानी से अपने गंतव्य तक पहुंच सकें, इसके लिए समुचित प्लानिंग कर ली जाए। महिलाओं, बच्चों और विदेशी कलाकारों को सुरक्षित घर तक पहुंचाने की व्यवस्था हो।भगदड़ की स्थिति न बने, पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की जानी चाहिए। मंदिरों में भीड़ के सम्भावना के दृष्टिगत 24×7 पुलिस बल की तैनाती की जाए।

● दीपोत्सव के सुचारु आयोजन के लिए जनपद अयोध्या में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।

BRIJESH SINGH
the authorBRIJESH SINGH