नई दिल्ली : योगी सरकार के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने आज प्रदेश का सबसे बड़ा बजट प्रस्तुत किया है। इस दौरान उन्होंने युवाओं के लिए कई बड़ी घोषणाएं की हैं। सुरेश खन्ना ने बताया कि 2023-24 में बुंदेलखंड में डिफेंस कॉरिडोर के लिए 550 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा छात्रों को टैबलेट- स्मार्टफोन के लिए 3600 करोड़, पुलिस विभाग में आवासीय सुविधा के लिए 1000 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
इस बजट से छात्र-छात्रओं के साथ नौकरी की चाहत रखने वाले युवाओं को कई बड़े लाभ मिलने की उम्मीद है। बजट सत्र में स्वामी विवेकानन्द युवा सशक्तीकरण योजना के पात्र छात्र-छात्राओं को टैबलेट व स्मार्टफोन देने हेतु वित्तीय वर्ष 2023-2024 के बजट में 3600 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है।
प्रदेश में 50 इन्क्यूबेटर तथा 7200 स्टार्ट अप कार्यरत
वहीं एक ओर उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति-2020 के अन्तगर्त कृषि, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, ऊर्जा, खादी, शिक्षा, पयर्टन, परिवहन आदि क्षेत्रों में स्टार्टअप को बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रदेश में 50 इन्क्यूबेटर तथा 7200 स्टार्ट अप कार्यरत हैं।
नीति के अंतगर्त पीजीआई लखनऊ, आईआईटी कानपुर तथा नोएडा परिसर में आटिर्फिशियल इन्टेलीजेन्स के क्षेत्र में परिचालन प्रारम्भ किया जा चुका है।
इन्क्यूबेटर्स को बढ़ावा देने तथा स्टाटर्अप्स के लिए सीड फंड के लिए 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। उत्तर प्रदेश सूचना वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बजट में तमाम बड़े ऐलान किए।
सुरेश खन्ना ने बताया कि 2023-24 में बुंदेलखंड में डिफेंस कॉरिडोर के लिए 550 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा छात्रों को टैबलेट- स्मार्टफोन के लिए 3600 करोड़, पुलिस विभाग में आवासीय सुविधा के लिए 1000 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है एवं स्टार्टअप नीति हेतु 60 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। ग्रामीण क्षेत्रों में युवा उद्यमियों को एग्रीटेक-स्टार्टअप की स्थापना के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से एग्रीकल्चर एक्सीलरेटर फंड के लिए 20 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं।
उन्होने बताया, प्रदेश के राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में अध्ययनरत छात्रों को रोजगार से संबंधित कोर्सेज/स्किल्स में प्रशिक्षण देने की योजना के तहत काैशल विकास मिशन के माध्यम से 06 वर्षों में 12 लाख से अधिक युवाओं को प्रशिक्षित किया गया। इसके साथ 4 लाख 88 हजार युवाओं को प्रतिष्ठित कंपनियों में सेवायोजित कराया गया. युवा अधिवक्ताओं को कार्य के शुरुआती 03 वर्षों के लिए किताब एवं पत्रिका क्रय करने हेतु आर्थिक सहायता प्रदान किए जाने के लिए 10 करोड़ रुपये तथा युवा अधिवक्ताओं के लिए काप्र्स फंड हेतु 5 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।




