लखनऊ। सपा अध्यक्ष और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने गाजीपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर अपनी विजय यात्रा के चौथे चरण के दौरान संतों को चिल्लुमजीवी कहकर संबोधित किया था, जिसपर बवाल मच गया है। अखिल भारतीय संत समिति ने अखिलेश को उनके बयान पर माफ़ी मांगने को कहा है। स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि अखिलेश को संतों से तुरंत माफ़ी मांगनी चाहिए वर्ना वो संतों का गुस्सा झेलने के लिए तैयार रहें।
स्वामी जितेंद्रानंद ने कहा कि भाजपा और उसके नेतृत्व को निशाना बनाने के लिए सपा प्रमुख ने भगवाधारी संतों और उनकी बिरादरी का अपमान किया है। स्वामी ने सपा प्रमुख की टिप्पणी के मद्देनजर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का भी बचाव किया। स्वामी जितेंद्रानंद ने कहा कि योगी आदित्यनाथ सनातन धर्म के एक गोरक्ष पीठ के प्रमुख हैं, जिसकी प्राचीन काल से पूजा और सम्मान किया जाता है। किसी को भी राजनीति के लिए उन्हें निशाना बनाने का अधिकार नहीं है।
उन्होंने कहा कि सपा प्रमुख को टिप्पणी के लिए तुरंत माफी मांगनी चाहिए और छोटे चुनावी लाभ के लिए साधुओं को राजनीतिक युद्ध के मैदान में घसीटने से बचना चाहिए।




