री-NEET परीक्षा से तीन दिन पहले राजस्थान के भीलवाड़ा में पुलिस ने कथित फर्जी पेपर बेचने के मामले का खुलासा करते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया है। प्रताप नगर थाना पुलिस ने पटेल नगर क्षेत्र में कार्रवाई कर 19 वर्षीय आकाश चौधरी को हिरासत में लिया। आरोपी अभ्यर्थियों को टेलीग्राम के जरिए असली NEET और री-NEET प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने का झांसा देकर पैसे ऐंठने की तैयारी कर रहा था।
पुलिस के अनुसार, आकाश चौधरी भीलवाड़ा का निवासी है और जयपुर में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था। उसने टेलीग्राम पर ‘पेपर माफिया’ नाम से एक गुप्त चैनल बनाया था, जिसके माध्यम से वह छात्रों को कथित लीक प्रश्नपत्र बेचने का दावा करता था। जांच में सामने आया कि आरोपी ने अपनी पहचान छिपाने के लिए विदेशी VPN और प्रॉक्सी नेटवर्क का इस्तेमाल किया, लेकिन तकनीकी निगरानी और खुफिया इनपुट की मदद से पुलिस उसकी लोकेशन तक पहुंच गई।
गुरुवार देर रात पुलिस ने उसके घर पर छापा मारकर उसे गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के दौरान मोबाइल फोन, परीक्षा तैयारी से जुड़ी किताबें, फर्जी प्रश्नपत्र तैयार करने से संबंधित डिजिटल सामग्री और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए हैं। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि आरोपी के पास कोई वास्तविक NEET या री-NEET प्रश्नपत्र नहीं था। वह सामान्य तैयारी पुस्तकों के पन्नों को स्कैन कर एडिटिंग टूल्स की सहायता से उन्हें कथित लीक पेपर का स्वरूप देता था। इसके बाद वह अभ्यर्थियों से संपर्क कर उन्हें प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाता और QR कोड के जरिए भुगतान प्राप्त करता था।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी कथित री-NEET पेपर के नाम पर करीब 4 हजार रुपये वसूल रहा था। जांच में यह भी सामने आया है कि वह 50 से अधिक अभ्यर्थियों के संपर्क में था। फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि आरोपी अकेले काम कर रहा था या उसके पीछे कोई संगठित गिरोह सक्रिय है। बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और डिजिटल साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच भी जारी है।




