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अनंत अंबानी बोले- वित्त वर्ष 2027 से रिलायंस की कमाई में दिखेगा न्यू एनर्जी का असर

मुंबई। रिलायंस के एनर्जी बिजनेस का नेतृत्व कर रहे अनंत एम. अंबानी ने कंपनी के न्यू एनर्जी कारोबार को रिलायंस की अगली बड़ी ग्रोथ यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की 49वीं वार्षिक आम बैठक में उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2027 से न्यू एनर्जी बिजनेस रिलायंस के वित्तीय प्रदर्शन में सार्थक योगदान देना शुरू करेगा। सोलर मॉड्यूल्स से व्यावसायिक रेवेन्यू इसी वर्ष शुरू होगा और बैटरी फैक्ट्री भी इसी वर्ष कमीशन होगी।

अनंत अंबानी ने कहा, “वित्त वर्ष 2027 से न्यू एनर्जी, रिलायंस के वित्तीय प्रदर्शन में सार्थक योगदान देना शुरू करेगा। सोलर मॉड्यूल्स से व्यावसायिक रेवेन्यू इसी वर्ष शुरू होगा। बैटरी फैक्ट्री इसी वर्ष कमीशन होगी। और सैमसंग सीएंडटी समझौता कोई वादा नहीं है, यह एक हस्ताक्षरित करार है।”

रिलायंस ने ग्रीन अमोनिया के लिए सैमसंग सीएंडटी के साथ 3 अरब डॉलर का दीर्घकालिक सप्लाई एग्रीमेंट किया है। कंपनी के अनुसार, यह दुनिया के सबसे बड़े ग्रीन अमोनिया ऑफटेक करारों में से एक है और उसके ग्रीन हाइड्रोजन प्लेटफॉर्म की व्यावसायिक प्रतिस्पर्धात्मकता को साबित करता है।

जामनगर में 5,000 एकड़ में फैला धीरूभाई अंबानी ग्रीन एनर्जी गीगा कॉम्प्लेक्स अब दुनिया के सबसे एकीकृत क्लीन एनर्जी मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम्स में से एक बन चुका है। कंपनी की सोलर पीवी सेल और मॉड्यूल मैन्युफैक्चरिंग लाइनें चालू हो चुकी हैं। करीब 1 गीगावॉट एचजेटी मॉड्यूल्स का उत्पादन भी हो चुका है।

बैटरी क्षेत्र में रिलायंस बड़ा विस्तार कर रही है। कंपनी की 40 गीगावॉट-आवर वार्षिक क्षमता वाली बीईएसएस और सेल गीगा फैक्ट्री का पहला चरण इसी वर्ष कमीशन होने की राह पर है। रिलायंस ने इसे बढ़ाकर 120 गीगावॉट-आवर वार्षिक क्षमता तक ले जाने की प्रतिबद्धता जताई है।

कच्छ में रिलायंस 5.5 लाख एकड़ में रिन्यूएबल एनर्जी हब विकसित कर रही है। पूरी तरह चालू होने के बाद यह हर साल 40 अरब यूनिट से अधिक ग्रीन बिजली पैदा करेगा, जो भारत की वार्षिक बिजली जरूरत का लगभग 3 प्रतिशत है। कंपनी का लक्ष्य अगले 10 वर्षों में 30 लाख मीट्रिक टन ग्रीन हाइड्रोजन समकक्ष ग्रीन केमिकल्स क्षमता हासिल करने का है।

अनंत अंबानी ने कहा कि गीगा कॉम्प्लेक्स और कच्छ सोलर फार्म मिलकर 2 लाख ग्रीन जॉब्स पैदा करेंगे। उन्होंने कहा, “दुनिया ने अपनी पुरानी ऊर्जा मध्य-पूर्व के तेल पर बनाई थी। अब दुनिया अपनी नई ऊर्जा भारतीय धूप पर बनाएगी।”

रिलायंस के अनुसार, न्यू एनर्जी मिशन भारत की ऊर्जा सुरक्षा, किफायती ऊर्जा और स्वच्छ ऊर्जा, तीनों जरूरतों को साथ लेकर चलेगा। इससे आयात पर निर्भरता घटाने, निर्यात बढ़ाने, ऊर्जा लागत कम करने और नए रोजगार पैदा करने में मदद मिलेगी।

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BRIJESH SINGH
the authorBRIJESH SINGH