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ऑक्सीजन व अन्य जीवनरक्षक दवाओं की कालाबाजारी करने वालों पर रासुका के तहत कार्रवाई की जाए: सीएम योगी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए अधिकारियों को अहम निर्देश दिए। सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश में 104 निजी प्रयोगशालाएं तथा 125 सार्वजनिक क्षेत्र की प्रयोगशालाएं कोविड टेस्ट कार्य में संलग्न हैं। इस संदर्भ में अब तक कुल 3.84 करोड़ से अधिक कोविड टेस्ट हो चुके हैं। कोविड में ड्यूटी करते हुए दिवंगत कोरोना वॉरियर्स की बीमा राशि का लंबित भुगतान तत्काल कराया जाए। यह संवेदना राशि उनके परिवारीजनों के लिए बड़ा संबल होगी।

उन्होंने कहा कि एम्बुलेंस के रिस्पॉन्स टाइम को कम करने पर विशेष ध्यान दें। स्वच्छता, सैनिटाइजेशन तथा फॉगिंग अभियान के दौरान जनपदों में की जा रही गतिविधियों की फोटोग्राफ्स सहित रिपोर्ट प्राप्त की जाए। मडेसिविर सहित किसी भी प्रकार के जीवनरक्षक दवाओं की कोई कमी नहीं है। सभी जिलों में इनकी उपलब्धता सुनिश्चित रखी जा रही है। जुबिलियंट फार्मा, कैडिला, माइलान और सिप्ला जैसी निर्माता कंपनियों से लगातार संपर्क बनाए रखा जाए। कैडिला से परसों तक अहमदाबाद से 20,000 वॉयल और प्राप्त हो जाएंगे। शेष कम्पनियों से सतत संवाद बनाकर प्रदेश में रेमडेसिविर की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। होम आइसोलेशन में रह रहे व्यक्तियों के साथ नियमित संवाद जरूरी है। होम आइसोलेशन में रह रहे व्यक्तियों को दी जाने वाली मेडिकल किट में 07 दिन की दवा होनी चाहिए। इसकी हर दिन समीक्षा की जाए।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में 05 नए ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना की कार्यवाही प्रारंभ हो गई है, इसे शीघ्रता से क्रियाशील किया जाए। भविष्य के दृष्टिगत 100 बेड से अधिक क्षमता वाले सभी अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट स्थापना को अनिवार्य किया जाए। सभी ऑक्सीजन प्लांट पर पुलिस सुरक्षा हो। ऑक्सीजन वाले वाहनों की GPS मॉनिटरिंग की जाए। ऑक्सीजन व अन्य जीवनरक्षक दवाओं की कालाबाजारी और मुनाफाखोरी रोकने के लिए हर संभव कठोरतम कार्रवाई की जाए। ऐसे लोगों के खिलाफ गैंगस्टर और रासुका जैसे एक्ट के अंतर्गत कार्रवाई की जाए।

सीएम योगी ने पुलिस महानिदेशक को इस संबंध में एक विशेष टीम गठित कर प्रदेश में छापामार कार्रवाई के भी निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवनरक्षक दवाओं की निर्बाध आपूर्ति के लिए आवश्यक है कि इसकी लगातार माॅनिटरिंग की जाए। रेमेडेसीवीर उत्पादनकर्ता कंपनियों से लगातार संपर्क में रहें। इसके अलावा सभी ऑक्सीजन रीफिल केंद्रों पर जिम्मेदार अधिकारियों की तैनाती की जाए। यह सुनिश्चित करें कि ऑक्सीजन का वितरण पारदर्शी ढंग से हो। ऑक्सीजन टैंकर को जीपीएस से जोड़ा जाए तथा प्लांट्स पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाए।

सीएम योगी ने कहा कि L-1, L-2 और L-3 हॉस्पिटल की अलग-अलग मॉनिटरिंग करते हुए ऑक्सीजन उपलब्ध कराई जाए। यह जरूरी है कि अस्पतालों में ऑक्सीजन की आपूर्ति संस्थागत रूप से हो। प्रत्येक अस्पताल में न्यूनतम 36 घंटे का ऑक्सीजन बैकअप जरूर रहे। यह सुखद है कि जिन मरीजों को कोविड टीकाकरण के दो डोज लग चुके हैं, यदि किन्हीं कारणों से पुनः संक्रमित हुए हैं, तो भी चार से पांच दिनों में स्वस्थ हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रयागराज के स्वरूप रानी मेडिकल कॉलेज और यूनाइटेड मेडिकल कॉलेज में 800 से अधिक बेड उपलब्ध हैं, इसे और बढ़ाया जाना चाहिए। वाराणसी में RT-PCR का पॉजिटिविटी रेट अधिक है, यहां और अधिक टेस्ट किए जाने की जरूरत है।

 

 

 

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BRIJESH SINGH
the authorBRIJESH SINGH