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हत्या के बाद श्रद्धा बनकर उसका इंस्टाग्राम अकाउंट यूज करता था आफताब, क्राइम शो ‘डेक्सटर’ से था प्रेरित

नई दिल्ली| दिल्ली पुलिस मंगलवार को श्रद्धा मर्डर केस के आरोपी आफताब अमीन पूनावाला को लेकर महरौली के जंगल पहुंची। आफताब ने कुबूल किया था कि मर्डर के बाद उसने बॉडी के 35 टुकड़े किए और उन्हें जंगल में फेंक दिया। अब तक 10 बॉडी पार्ट्स मिलने की बात सामने आई है, लेकिन पुलिस ने अभी इस पर कोई बयान नहीं दिया है। एक चौंकाने वाली बात सामने आई है, वो यह कि आफताब ने मर्डर के बाद एक लड़की को फ्लैट पर बुलाया था। तब श्रद्धा के बॉडी पार्ट्स फ्लैट में ही थे।

आफताब ने श्रद्धा के जिंदा होने का आभास देने के लिए जून तक उसके इंस्टाग्राम अकाउंट का इस्तेमाल किया। एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। अधिकारी ने कहा, वह किसी भी संदेह से बचने के लिए श्रद्धा के इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक्टिव था। पुलिस की टीमें उसके मोबाइल फोन के विवरण की जांच कर रही हैं। 26 वर्षीय श्रद्धा के परिवार ने दावा किया कि कभी-कभी वह अपनी मां को बताती थी कि आफताब उसे पीटता है। एफआईआर के अनुसार, पीड़िता का परिवार रिश्ते के विरोध में था। इस पर श्रद्धा का कहना था कि वह 25 साल की है और उसे अपने फैसले लेने का अधिकार है।बाद में, उसने घर छोड़ दिया और आफताब के साथ रहने लगी। लेकिन कभी-कभी, वह अपनी मां को बताती थी कि आफताब उसे पीटता है। 2020 में उसकी मां का निधन हो गया। उसके लगभग 15 से 20 दिन बाद, उसने अपने पिता को फोन किया और आफताब द्वारा पीटे जाने की बात कही।

पिता ने कहा, वह मुझसे मिली और जब मैंने उसे पूनावाला को छोड़ने और घर लौटने के लिए कहा, तो पूनावाला ने तुरंत उससे माफी मांग ली। जिसके चलते वह दोबारा उसके साथ वापस चली गई। उसने मेरे अनुरोध को नहीं सुना, जिसके कारण मैंने कई महीनों तक उससे बात करना बंद कर दिया। पीड़िता के माता-पिता 2016 से अलग थे। 2018 में श्रद्धा के पिता को पता चला कि वह पूनावाला के साथ रिश्ते में हैं। पुलिस ने बताया कि आफताब ने 18 मई को श्रद्धा के शरीर के टुकड़े-टुकड़े करने के बाद एक नया रेफ्रिजरेटर खरीदा और उसमें शरीर के अंगों को रखा। बदबू से बचने के लिए उसने अपने घर पर अगरबत्ती जलाई।

आफताब कथित तौर पर अमेरिकी क्राइम शो ‘डेक्सटर’ से प्रेरित था, जो एक ऐसे व्यक्ति की कहानी बताता है, जो दोहरी जिंदगी जीता है। सूत्रों ने बताया कि शेफ होने के नाते आफताब चाकू चलाने में माहिर था। हालांकि वारदात में प्रयुक्त चाकू अभी तक बरामद नहीं हो सका है।

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BRIJESH SINGH
the authorBRIJESH SINGH