दिल्लीः अंडर-19 विश्व कप में भारत के लिए कमाल करने वाले राजवर्धन हंगरगेकर पर उम्र में धोखाधड़ी का आरोप लगा है। महाराष्ट्र के खेल कमिश्नर के अनुसार उनकी असली उम्र 21 साल है, जबकि उन्होंने आधिकारिक तौर पर अपनी उम्र 19 साल बताई है। इस साल की शुरुआत में वेस्टइंडीज में आयोजित अंडर-19 विश्वकप में भी हंगरगेकर भारतीय टीम का हिस्सा थे। उन्होंने इस टूर्नामेंट में अपने खेल से सभी को प्रभावित भी किया था। आईपीएल में चेन्नई की टीम ने उन्हें खरीदा है।
हंगरगेकर लगातार 140 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी कर सकते हैं और निचले क्रम में आकर बड़े शॉट भी लगा सकते हैं। अपनी इसी क्षमता के कारण वह सुर्खियों में आए थे और उन्हें भारत का भविष्य माना जा रहा था, लेकिन उनके ऊपर गंभीर आरोप लगाए गए हैं और बीसीसीआई पूरे मामले की जांच करेगा।
फिलहाल रणजी ट्रॉफी खेल सकते हैं हंगरगेकर
राजवर्धन हंगरगेकर पर फिलहाल कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया है। इनसाइड स्पोर्ट्स की खबर के अनुसार हंगरगेकर अभी सभी तरह के मैच खेल सकते हैं, लेकिन बीसीसआई मामले की जांच करेगा। धाराशिव की तरफ से बीसीसीआई को आधिकारिक पत्र भी लिखा गया है, जिसमें उनकी उम्र में फर्जीवाड़े की बात कही गई है।
क्या है पूरा मामला?
मराठी अखबार सामना के अनुसार बकोरिया ने बीसीसीआई को पत्र लिखकर बताया है कि राजवर्धन हंगरगेकर की उम्र 21 साल है न कि 19 साल। स्कूल के रिकॉर्ड के अनुसार उनकी जन्मतिथि सात जनवरी 2001 है, जबकि तेरना पब्लिक स्कूल के हेडमास्टर ने उनकी उम्र में फेरबदल कर इसे 10 नवंबर 2002 कर दिया था। इस समय हंगरगेकर आठवीं कक्षा में थे।
इस हिसाब से जब हंगरगेकर को भारत की अंडर-19 टीम में चुना गया था। तब उनकी उम्र 21 साल हो चुकी थी और वो इस टूर्नामेंट में खेलने के योग्य नहीं थे। आईसीसी के नियमों के मुताबिक आईसीसी अंडर-19 विश्व कप में वही खिलाड़ी खेल सकते हैं, जिनकी उम्र 19 साल से 15 साल के बीच है। अब तक यह भी साफ नहीं हुआ है कि हंगरगेकर ने बीसीसीआई के मानकों के अनुसार अपने उम्र की जांच कराई है या नहीं।




