लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने राष्ट्रपति चुनाव में द्रौपदी मुर्मू का समर्थन करने का एलान किया है। उन्होंने कहा, ”हमने एनडीए के राष्ट्रपति चुनाव के उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू का समर्थन करने का फैसला किया है। हमने यह फैसला न तो भाजपा या एनडीए के समर्थन में लिया है और न ही विपक्ष के खिलाफ बल्कि अपनी पार्टी और आंदोलन को ध्यान में रखते हुए किया है।”
बसपा प्रमुख मायावती ने कहा, ”ममता बनर्जी ने राष्ट्रपति चुनाव के लिए एक विपक्षी उम्मीदवार का चयन करने के लिए 15 जून को बुलाई गई बैठक में केवल चयनित पार्टियों को आमंत्रित किया और जब शरद पवार ने 21 जून को एक बैठक बुलाई, तो बसपा को भी आमंत्रित नहीं किया गया था। यह उनके जातिवाद के उद्देश्यों को दर्शाता है।”
बसपा प्रमुख ने कहा, ” जातिवादी मानसिकता वाले बसपा के नेतृत्व को बदनाम करने की कोशिश करने का कोई मौका नहीं छोड़ते हैं। सत्ता में बैठे दल बसपा के आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश करते हैं। कांग्रेस या बीजेपी नहीं चाहती कि देश में सही मायने में संविधान लागू हो। बीजेपी ने राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार पर आम सहमति का ढोंग किया है और इसलिए विपक्षी दलों और बसपा को दोनों पक्षों से दूर रखा गया है।



