नई दिल्ली। पाकिस्तान जिसे हम अपना पड़ोसी देश कह लें या आतंक के खिलाफ लड़ाई का ढोंग रचने वाला एक देश, जिसकी करतूतों का काला चिट्टा एक बार फिर से दुनिया के सामने आया है। जबकि इस वक्त पाकिस्तान के हालात ऐसे हैं कि उसे हर काम के लिए दुनिया के सामने कटोरा लेकर जाना पड़ता है, लेकिन इतनी मुफलिसी के चलते भी पाकिस्तान अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रहा है।
अस्पताल में भर्ती आतंकी ने पाकिस्तानी सेना और ISI की खोली पोल :
पकड़े गए आतंकी का नाम तबारक हुसैन अपने 4-5 साथियों के साथ LoC बॉर्डर के पास घुसपैठ की कोशिश कर रहा था। वो तार काटने की कोशिश में लगा था, तभी भारतीय जवानों ने उसे धर-दबोचा। पहले तो जवानों ने उसे ललकारा, उसके बाद आतंकी ने भागने की कोशिश की। इस बीच फायरिंग में वो घायल हो गया और जवानों ने उसे जिंदा पकड़ लिया। उसे तुरंत मेडिकल ट्रीटमेंट के लिए अस्पताल ले जाया गया. जहां उसने पूछताछ के दौरान एक बड़े हमले की साजिश का खुलासा किया। उसे बॉर्डर पर भारतीय सैन्य पोस्ट पर हमला करने के लिए भेजा गया था।
ISI के स्कूलों में दहशतगर्दी का पाठ :
आतंकी ने बताया कि, उसे पाकिस्तान में ही ट्रेनिंग दी गई थी और उसे उसके साथियों को दहशत फैलाने के लिए हिंदुस्तान भेजा गया था। उसने भी बताया कि उसे भेजने वाले का नाम चौधरी यूनिस है और वह पाकिस्तानी आर्मी में है और उसे झंगर बॉडर पर भारतीय सैनिक पोस्ट पर फिदायीन हमला करने के लिए उसे ₹30 हजार दिए गए थे। कैमरे के सामने तबारक हुसैन के हर शब्द ने पाकिस्तान और उसकी सेना के आतंकी इरादे का पर्दाफाश कर दिया। उसने कहा कि पाकिस्तानी आर्मी और ISI के स्कूलों में दहशतगर्दी का पाठ पढ़ाया जाता है।
आपको बता दें कि, तबारक हुसैन वही आतंकी है जिसे सेना ने 2016 में इसी इलाके से गिरफ्तार किया था। तब वो अपने भाई हारून अली के साथ आया था। तब सेना ने उसे मानवता के आधार पर रिहा कर दिया था और उसे नवंबर 2017 को पाकिस्तान वापस भेज दिया गया था।




