काठमांडू: तिब्बत की ओर से अचानक आई भीषण बाढ़ ने नेपाल के रसुवा जिले के टिमुरे बाजार और आसपास के इलाकों में भारी तबाही मचा दी है। लेन्दे खोला (भोटेकोशी) नदी में आई बाढ़ से रसुवा सीमा नाका, बाजार क्षेत्र और कस्टम कार्यालय को व्यापक नुकसान पहुंचा है। अधिकारियों के मुताबिक, टिमुरे समेत आसपास के दो बाजार पूरी तरह तबाह हो गए हैं। इस बीच करीब 1,000 लोगों के बाढ़ में बहने की आशंका जताई जा रही है, हालांकि इसकी अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
अचानक आई बाढ़ से मची भारी तबाही
जिला पुलिस कार्यालय रसुवा के अनुसार, बुधवार सुबह करीब 9 बजे अचानक आई बाढ़ से टिमुरे बाजार की बस्ती बुरी तरह प्रभावित हुई। रसुवा के प्रमुख जिला अधिकारी नरेन्द्र परियार ने बताया कि बाढ़ का पानी निचले तटीय इलाकों में घुस गया है। जलविद्युत परियोजनाओं के ढांचे और अन्य संपत्तियों के बहने की भी सूचना मिली है।
रसुवा के सहायक प्रमुख जिला अधिकारी ध्रुव प्रसाद अधिकारी के अनुसार, बाढ़ से बाजार और कस्टम कार्यालय क्षेत्र को भी भारी नुकसान हुआ है। रसुवा भन्सार क्षेत्र में खड़े बड़ी संख्या में वाहन और अन्य सामान बाढ़ में बह गए। पिछले वर्ष की बाढ़ में क्षतिग्रस्त हुए स्थान पर हाल ही में बनाया गया नया पुल भी इस बार बाढ़ की चपेट में आकर बह गया।
तीन पुलिस कार्यालय भी प्रभावित
बाढ़ से नेपाल पुलिस के तीन कार्यालयों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। पुलिस प्रधान कार्यालय के अनुसार, इलाका प्रहरी कार्यालय टिमुरे, प्रहरी चौकी स्याफ्रुबेसी और प्रहरी चौकी रसुवागढ़ी बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। बाढ़ का असर नुवाकोट जिले तक भी पहुंच गया है। जिला प्रशासन कार्यालय नुवाकोट के सूचना अधिकारी रूपेश प्रसाद नेपाल ने इसकी पुष्टि की है।
पीएम बालेन्द्र शाह ने बुलाई आपात बैठक
बाढ़ से हुए नुकसान और राहत-बचाव अभियान की समीक्षा के लिए प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन की आपात बैठक बुलाई है। प्रधानमंत्री के सलाहकार असीम शाह के अनुसार, पीएम शाह प्रभावित क्षेत्रों के प्रमुख जिलाधिकारियों से सीधे संपर्क में हैं और स्थिति की लगातार निगरानी कर रहे हैं। प्रधानमंत्री सचिवालय ने सभी हेलीकॉप्टर कंपनियों को भी जरूरत पड़ने पर तत्काल परिचालन के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया है।
नेपाली सेना के दो हेलीकॉप्टर रवाना
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में खोज, बचाव और राहत अभियान के लिए नेपाली सेना के दो हेलीकॉप्टर रसुवा के लिए रवाना किए गए हैं। नेपाली सेना के प्रवक्ता एवं ब्रिगेडियर जनरल राजाराम बस्नेत ने बताया कि दोनों हेलीकॉप्टर प्रभावित क्षेत्र की ओर भेजे गए हैं। भोटेकोशी नदी में जलस्तर बढ़ने के बाद प्रशासन ने नदी किनारे बसे इलाकों में रहने वाले लोगों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है।
पांच जिलों में हाई अलर्ट
भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ को देखते हुए रसुवा, नुवाकोट, धादिङ, गोरखा और चितवन जिलों के नदी तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने को कहा गया है। गृह मंत्री सुदन गुरुंग की मौजूदगी में मानसून प्रतिकार्य कमान्ड पोस्ट की आपात बैठक भी शुरू हो गई है। बैठक में बाढ़ से हुए नुकसान, खोज एवं बचाव तथा राहत अभियान को लेकर आवश्यक फैसले लिए जा रहे हैं। गृह मंत्री ने भोटेकोशी और त्रिशूली नदी के तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों से तत्काल सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है। प्रशासन के मुताबिक, इन क्षेत्रों में मुग्लिन तक उच्च जोखिम बना हुआ है।
कई प्रमुख मार्गों पर यात्रा रोकने की अपील
बाढ़ और संभावित खतरे को देखते हुए काठमांडू उपत्यका ट्रैफिक पुलिस ने रसुवा, नुवाकोट, चितवन और धादिङ की ओर जाने वाले वाहनों को काठमांडू में ही रोक दिया है। लोगों से पृथ्वी राजमार्ग, गल्छी–नुवाकोट–रसुवा–स्याफ्रुबेसी सड़क तथा मुग्लिन–नारायणगढ़ सड़क पर यात्रा नहीं करने और इन मार्गों पर अनावश्यक आवाजाही से बचने की अपील की गई है।
हेल्पलाइन नंबर जारी
गृह मंत्रालय ने खोज एवं बचाव या किसी अन्य आपात सहायता के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1234 जारी किया है। प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों से अगले आदेश तक सुरक्षित स्थानों पर रहने और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है। फिलहाल राहत और बचाव अभियान जारी है तथा बाढ़ से हुए कुल नुकसान और संभावित जनहानि का वास्तविक आंकड़ा सामने आना बाकी है।




