नई दिल्ली। राजधानी रियाद में शनिवार को एक सम्मेलन के दौरान सऊदी ऊर्जा मंत्री प्रिंस अब्दुल अज़ीज़ बिन सलमान ने चेतावनी देते हुए कहा कि रूस पर पश्चिमी देशों के लगाए प्रतिबंधों के कारण भविष्य में ऊर्जा के संकट पैदा हो सकते हैं।
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, पत्रकारों द्वारा पूछे गये एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, “प्रतिबंधों और निवेश की कमी के कारण एक और केवल एक चीज़ होगी कि जब सबसे अधिक ज़रूरत होगी, तब हर तरह की ऊर्जा की क़िल्लत पैदा हो जाएगी।”
यूक्रेन में एलपीजी भेजने की तैयारी में है सऊदी अरब
प्रिंस अब्दुल अज़ीज़ ने यह भी बताया कि उनका देश यूक्रेन में एलपीजी भेजने की तैयारी कर रहा है. यूक्रेन में इसका मुख्य इस्तेमाल घरों को गर्म रखने में होता है। उन्होंने तेल बाज़ार के 2022 के सबक़ का ज़िक्र करते हुए कहा कि दुनिया के अन्य देशों को ‘ओपेके प्लस देशों पर भरोसा करना’ होगा।
बता दें कि शुक्रवार को यूरोपीय संघ ने रूस पर कई तरह के प्रतिबंध लगाये हैं। साथ ही के तेल पर 60 डॉलर प्रति-बैरल का प्राइस कैप लगाने पर सहमति जताई थी। जिससे रूस का आयात घट गया है।
यूक्रेन पर हमले के बाद से ही पश्चिमी देश रूस पर कई तरह के प्रतिबंध लगा चुके हैं। अब वो रूस के तेल पर प्राइस कैप लगाकर उसकी वित्तीय स्थिति को कमजोर करना चाहते हैं। रूस तेल निर्यात से बड़े पैमाने पर रेवेन्यू प्राप्त करता है।




