दिल्ली में आयोजित एआई समिट के दौरान हुए शर्टलेस विरोध प्रदर्शन मामले में कांग्रेस को बड़ी राहत मिली है। इंडियन यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब को पटियाला हाउस कोर्ट से जमानत मिल गई है।
पटियाला हाउस कोर्ट के ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने चिब को 50 हजार रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दी। अदालत ने कहा कि दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच रिमांड बढ़ाने के लिए पर्याप्त कारण प्रस्तुत नहीं कर पाई। इसके साथ ही कोर्ट ने चिब को अपना पासपोर्ट अदालत में जमा कराने और अपने इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स कोर्ट के समक्ष सरेंडर करने का निर्देश दिया है।
इससे पहले दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने देर रात अदालत में याचिका दायर कर उदय भानु चिब की पुलिस कस्टडी रिमांड सात दिन बढ़ाने की मांग की थी। मामले के दो अन्य आरोपियों की रिमांड बढ़ाने के लिए भी अलग-अलग अर्जी दाखिल की गई थी। बचाव पक्ष की ओर से जमानत अर्जी दाखिल किए जाने के बाद ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने चिब को राहत प्रदान की।
गौरतलब है कि दिल्ली में आयोजित एआई समिट के दौरान भारत मंडपम परिसर में विरोध प्रदर्शन के दौरान हंगामा हुआ था। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए इंडियन यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब समेत कई लोगों को गिरफ्तार किया था।
घटना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज रही। भारतीय जनता पार्टी ने इस प्रदर्शन की आलोचना करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा था। वहीं कांग्रेस ने उदय भानु चिब की गिरफ्तारी को असंवैधानिक बताया। कांग्रेस ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कहा कि विरोध करना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और पार्टी जनता की आवाज उठाती रहेगी।




