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BJP ने पवन सिंह पर खेला बड़ा दांव, MLC उम्मीदवार बनाकर दिया भरोसे और धैर्य का इनाम

भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने बिहार विधान परिषद (MLC) चुनाव के लिए भोजपुरी अभिनेता और गायक पवन सिंह को उम्मीदवार बनाकर बड़ा राजनीतिक संदेश दिया है। लंबे समय से पार्टी के साथ जुड़े रहे पवन सिंह को टिकट देकर भाजपा ने उन पर अपना भरोसा जताया है। उम्मीदवार घोषित होने के बाद पवन सिंह ने पार्टी नेतृत्व का आभार व्यक्त किया है।

MLC उम्मीदवार बनाए जाने के बाद पवन सिंह ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा नेतृत्व और बिहार के वरिष्ठ नेताओं का धन्यवाद किया। उन्होंने लिखा कि पार्टी ने उन पर जो विश्वास जताया है, उसे जनसेवा के संकल्प में बदलने का पूरा प्रयास करेंगे।

भोजपुरी सिनेमा के लोकप्रिय चेहरे पवन सिंह का जन्म बिहार के आरा में हुआ था। अपनी गायकी और अभिनय के दम पर उन्होंने भोजपुरी फिल्म उद्योग में अलग पहचान बनाई और उन्हें ‘पावर स्टार’ के नाम से जाना जाता है। राजनीति में उनकी औपचारिक एंट्री वर्ष 2017 में BJP में शामिल होने के साथ हुई थी। इसके बाद वह पार्टी के प्रचार अभियानों और सामाजिक कार्यक्रमों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे।

हालांकि, उनका राजनीतिक सफर उतार-चढ़ाव भरा रहा है। 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने उन्हें पश्चिम बंगाल की आसनसोल सीट से उम्मीदवार बनाया था, लेकिन उन्होंने निजी कारणों का हवाला देते हुए चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया। इसके बाद उन्होंने बिहार की काराकाट लोकसभा सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव मैदान में उतरने का फैसला किया, जिससे पार्टी और उनके बीच विवाद पैदा हो गया।

पार्टी लाइन से अलग चुनाव लड़ने के कारण मई 2024 में भाजपा ने उन्हें अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में निष्कासित कर दिया था। हालांकि, काराकाट सीट पर उन्हें जीत नहीं मिली और चुनाव में CPI(ML) के उम्मीदवार राजाराम सिंह कुशवाहा विजयी रहे।

बाद में अक्टूबर 2025 में पवन सिंह की भाजपा में वापसी हुई। उस समय उन्हें बिहार विधानसभा चुनाव का संभावित उम्मीदवार माना जा रहा था, लेकिन उन्होंने चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया। अब भाजपा ने उन्हें विधान परिषद चुनाव में उम्मीदवार बनाकर एक बार फिर संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। इसे पार्टी के प्रति उनकी निष्ठा और धैर्य का पुरस्कार माना जा रहा है।

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BRIJESH SINGH
the authorBRIJESH SINGH