नई दिल्ली: कांग्रेस नेता राहुल गांधी को आय से अधिक संपत्ति के आरोपों से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सर्वोच्च अदालत ने इलाहाबाद हाई कोर्ट में 20 अगस्त को होने वाली अगली सुनवाई पर फिलहाल रोक लगा दी है। साथ ही CBI और ED को निर्देश दिया गया है कि हाई कोर्ट के आदेश के तहत हुई जांच से जुड़ी कोई रिपोर्ट फिलहाल इलाहाबाद हाई कोर्ट या किसी अन्य प्राधिकरण के सामने पेश न की जाए।
प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत पर उठाया सवाल
सुप्रीम कोर्ट ने प्रथम दृष्टया माना कि इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश में प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत का पालन नहीं हुआ। अदालत ने हाई कोर्ट को मामले की सुनवाई अगली तारीख तक टालने का निर्देश दिया है।
सुनवाई के दौरान केंद्रीय जांच एजेंसियों की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने कहा कि फिलहाल इस मामले में CBI और ED की कोई भूमिका नहीं रही है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर शिकायत में संज्ञेय अपराध का खुलासा होता है तो मामला गंभीर हो सकता है।
CJI ने जांच एजेंसियों से पूछा सवाल
सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने जांच एजेंसियों की भूमिका को लेकर सवाल उठाए। अदालत ने कहा कि अगर किसी मामले में जांच की जरूरत है तो पुलिस को हर स्थिति में अदालत की अनुमति की आवश्यकता नहीं होती, लेकिन न्यायालय की ओर से कोई निर्देश जारी करने से पहले प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन जरूरी है।
अदालत ने यह भी सवाल किया कि अगर मामला इतना गंभीर था तो संबंधित जांच एजेंसी की ओर से अब तक कोई कदम क्यों नहीं उठाया गया।
क्या है राहुल गांधी के खिलाफ पूरा मामला?
राहुल गांधी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति को लेकर शिकायत बीजेपी कार्यकर्ता विग्नेश शिशिर ने दाखिल की थी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि राहुल गांधी की संपत्ति उनकी घोषित आय के मुकाबले अधिक है।
इस मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने मई में सुनवाई के दौरान आरोपों की जांच की जरूरत बताई थी। अदालत ने CBI और ED को कानून के मुताबिक उचित कार्रवाई करने की स्वतंत्रता दी थी और जांच की प्रगति से संबंधित जानकारी देने को कहा था।
हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे राहुल
इलाहाबाद हाई कोर्ट के इसी आदेश को राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। उनकी ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने दलील दी कि शिकायतकर्ता का मकसद राहुल गांधी को बदनाम करना है और उनके खिलाफ पहले भी कई याचिकाएं दाखिल की गई हैं।
अब सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद फिलहाल इलाहाबाद हाई कोर्ट में इस मामले की अगली सुनवाई पर रोक रहेगी। मामले में आगे की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट के अगले निर्देश के मुताबिक होगी।




