केंद्रीय राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर उनका इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है। जॉर्ज कुरियन अल्पसंख्यक मामलों तथा मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय में राज्य मंत्री के रूप में कार्यरत थे। राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि संविधान के अनुच्छेद 75(2) के तहत राष्ट्रपति ने केंद्रीय मंत्रिपरिषद से जॉर्ज कुरियन का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है।
राज्यसभा कार्यकाल समाप्त होने के बाद लिया फैसला
जॉर्ज कुरियन का राज्यसभा कार्यकाल समाप्त हो गया था, जिसके चलते उन्हें मंत्री पद छोड़ना पड़ा। भारतीय जनता पार्टी पहले ही संकेत दे चुकी थी कि उन्हें दोबारा राज्यसभा नहीं भेजा जाएगा। पार्टी ने उनकी जगह मध्य प्रदेश से भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव Tarun Chugh को राज्यसभा का उम्मीदवार बनाया है।
मोदी सरकार 3.0 में निभाई थी अहम जिम्मेदारी
65 वर्षीय जॉर्ज कुरियन अगस्त 2024 से प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व वाली तीसरी केंद्र सरकार में राज्य मंत्री के रूप में कार्य कर रहे थे। वह भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते हैं और 1980 में पार्टी की स्थापना के समय से ही संगठन से जुड़े हुए हैं।
केरल से रहा है राजनीतिक जुड़ाव
जॉर्ज कुरियन का जन्म 20 सितंबर 1960 को Ettumanoor में हुआ था। उनका राजनीतिक आधार मुख्य रूप से केरल में रहा है और वे लंबे समय से भाजपा के संगठनात्मक कार्यों में सक्रिय रहे हैं।राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि केरल विधानसभा चुनावों में भाजपा के अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाने के कारण पार्टी नेतृत्व ने उन्हें दोबारा राज्यसभा भेजने का फैसला नहीं किया। हालांकि, इस संबंध में भाजपा की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। जॉर्ज कुरियन के इस्तीफे के बाद अब केंद्रीय मंत्रिपरिषद में उनके स्थान को लेकर भी राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।




