उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में सोमवार को एक भीषण सड़क हादसे ने दो परिवारों की खुशियां छीन लीं। नेशनल हाईवे-9 पर सड़क किनारे दूसरी बस का इंतजार कर रहे यात्रियों को एक तेज रफ्तार ट्रक ने कुचल दिया। हादसे में 5 वर्षीय नायरा और 15 वर्षीय मीरा की मौत हो गई, जबकि सात अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
यह दुर्घटना थाना देहात क्षेत्र के बुलंदशहर कट के पास हुई। जानकारी के मुताबिक, सोहराब गेट डिपो की एक रोडवेज बस गोंडा से दिल्ली जा रही थी। सफर के दौरान बस में तकनीकी खराबी आ गई, जिसके बाद चालक ने बस को सर्विस रोड पर रोक दिया। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी को बस से नीचे उतार दिया गया। लोग सड़क किनारे खड़े होकर दूसरी बस का इंतजार कर रहे थे, तभी पीछे से आ रहा एक तेज रफ्तार ट्रक अनियंत्रित हो गया और सीधे यात्रियों की भीड़ में जा घुसा।
टक्कर के बाद मचा हड़कंप
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर इतनी जोरदार थी कि कई लोग दूर जाकर गिरे। हादसे के बाद ट्रक चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका और ट्रक सड़क किनारे लगी लोहे की रेलिंग तोड़ते हुए डिवाइडर पर चढ़ गया। घटना के तुरंत बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया और पुलिस को सूचना दी। कुछ ही देर में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए।
सात घायल, कई की हालत गंभीर
घायलों को एम्बुलेंस की मदद से नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है। पुलिस के अनुसार, घायल हुए कई लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
जांच में जुटी पुलिस
पुलिस ने ट्रक को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाया जा रहा है कि हादसा चालक की लापरवाही के कारण हुआ या इसके पीछे कोई अन्य वजह थी। इस दर्दनाक दुर्घटना ने एक बार फिर राष्ट्रीय राजमार्गों पर तेज रफ्तार वाहनों की निगरानी, सड़क सुरक्षा उपायों और खराब वाहनों के लिए सुरक्षित इंतजामों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।




