आमिर खान की सुपरहिट फिल्मों गजनी और लगान में अपनी दमदार अदाकारी से पहचान बनाने वाले अनुभवी अभिनेता प्रदीप रावत का 74 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने मंगलवार, 4 अगस्त 2026 को ब्लड कैंसर से लंबी लड़ाई के बाद अंतिम सांस ली। उनके निधन से बॉलीवुड और साउथ फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर है। अपने लंबे करियर में प्रदीप रावत ने खलनायक और चरित्र अभिनेता के रूप में कई यादगार भूमिकाएं निभाईं। हाल ही में वह विक्की कौशल की फिल्म छावा को लेकर भी चर्चा में रहे थे।
बॉलीवुड से लेकर साउथ तक बनाई अलग पहचान
प्रदीप रावत ने हिंदी फिल्मों के साथ-साथ तेलुगु, तमिल और अन्य दक्षिण भारतीय फिल्मों में भी अपनी खास पहचान बनाई। खासतौर पर खलनायक के किरदारों में उनकी अभिनय क्षमता को खूब सराहा गया। उन्होंने भद्रा, रिबेल और फिल्ममेकर एस. एस. राजामौली की 2004 में रिलीज हुई स्ये में ‘भिक्षु यादव’ के किरदार से जबरदस्त लोकप्रियता हासिल की। इस भूमिका के लिए उन्हें पुरस्कार भी मिला था। बाद में उन्होंने ‘गजनी’ में अपने दमदार अभिनय से दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ी।
क्यों चुनी साउथ फिल्म इंडस्ट्री?
एक इंटरव्यू में प्रदीप रावत ने बताया था कि उन्होंने साउथ फिल्मों में अधिक काम इसलिए किया क्योंकि वहां कलाकारों को बेहतर पारिश्रमिक और समय पर भुगतान मिलता है। उन्होंने कहा था कि मुंबई की तुलना में दक्षिण भारतीय फिल्म उद्योग में कलाकारों को कई गुना अधिक फीस दी जाती है और भुगतान के लिए बार-बार याद दिलाने की जरूरत नहीं पड़ती। उन्होंने यह भी बताया था कि फिल्म ‘छावा’ के दौरान उन्हें निर्माता से भुगतान को लेकर किसी तरह की परेशानी नहीं हुई।
परिवार रहा लाइमलाइट से दूर
प्रदीप रावत अपने पीछे पत्नी कल्याणी रावत और बेटे विक्रमादित्य रावत को छोड़ गए हैं। उनका परिवार हमेशा मीडिया की चकाचौंध से दूर रहा। हालांकि, वर्ष 2024 में आयरा खान की शादी में वह अपने परिवार के साथ सार्वजनिक रूप से नजर आए थे, जहां उनके बेटे की भी काफी चर्चा हुई थी।
पांच साल से ब्लड कैंसर से थे पीड़ित
समाचार एजेंसी ANI के अनुसार, प्रदीप रावत के मैनेजर सिद्धार्थ आर. तिवारी ने उनके निधन की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि अभिनेता पिछले करीब पांच वर्षों से ब्लड कैंसर से जूझ रहे थे। पिछले एक महीने से उनका मुंबई के कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में इलाज चल रहा था। बाद में उन्हें भिवंडी के एक कैंसर अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन स्वास्थ्य में सुधार नहीं हो सका और 4 अगस्त 2026 को उन्होंने अंतिम सांस ली।




