केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने करोड़ों रुपये की वित्तीय धोखाधड़ी के मामले में वांछित आरोपी विशाखा राठौड़ को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से सफलतापूर्वक भारत प्रत्यर्पित कर लिया है। 3 अगस्त को उसे पुणे लाया गया, जहां महाराष्ट्र पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। सीबीआई के मुताबिक, विशाखा राठौड़ पर निवेशकों को विभिन्न निवेश योजनाओं में हर महीने निश्चित मुनाफे का लालच देकर करोड़ों रुपये की ठगी करने का आरोप है। जांच में सामने आया कि आरोपी ने साजिश के तहत निवेशकों से जुटाई गई रकम को कई बैंक और डीमैट खातों के जरिए इधर-उधर ट्रांसफर किया।
आरोपी लंबे समय से फरार थी और उसके खिलाफ इंटरपोल के जरिए रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी किया गया था। विदेश मंत्रालय (MEA) और गृह मंत्रालय (MHA) के सहयोग से सीबीआई ने उसे यूएई से भारत वापस लाने की कार्रवाई पूरी की। इस बीच केंद्र सरकार ने जानकारी दी है कि 2019 से जुलाई 2026 के बीच भारत ने 36 देशों से 274 भगोड़े अपराधियों का सफल प्रत्यर्पण कराया है। सरकार का कहना है कि यह अभियान विदेशों में छिपे अपराधियों को कानून के दायरे में लाने की दिशा में बड़ी उपलब्धि है।
गृह मंत्रालय के अनुसार, भगोड़ों की वापसी के लिए सरकार ने वैश्विक सहयोग, एजेंसियों के मजबूत समन्वय और स्मार्ट कूटनीति की रणनीति अपनाई है। मंत्रालय ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में प्रत्यर्पण को राष्ट्रीय प्राथमिकता बनाया गया, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की कार्रवाई और प्रभाव दोनों मजबूत हुए।




