देहरादून: उत्तराखंड के ‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ कार्यक्रम में हरिद्वार की छात्रा लवप्रीत कौर ने ऐसी बात कही, जिसने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का ध्यान खींचा। लवप्रीत ने अपनी जरूरत का जिक्र करने के बजाय आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन पढ़ाई के संसाधन उपलब्ध कराने की मांग रखी थी। मुख्यमंत्री ने इस सुझाव को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए। लवप्रीत का कहना था कि कई जरूरतमंद विद्यार्थी डिजिटल संसाधनों के अभाव में ऑनलाइन पढ़ाई का पूरा लाभ नहीं उठा पाते हैं। अगर ऐसे विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए जरूरी उपकरण मिल जाएं तो उनकी शिक्षा प्रभावित होने से बच सकती है।
सरकारी स्कूलों के छात्रों को टैबलेट देने की पहल
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले पात्र विद्यार्थियों को टैबलेट उपलब्ध कराने की घोषणा भी की। सरकार के मुताबिक, योजना के तहत पात्र छात्रों को डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के जरिए टैबलेट की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसी दौरान लवप्रीत की ओर से उठाए गए मुद्दे को भी मुख्यमंत्री ने संज्ञान में लिया। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद जिलाधिकारी के माध्यम से शिक्षा विभाग के अधिकारी लवप्रीत के घर पहुंचे और उसे टैबलेट सौंपा। घर पर अधिकारियों को टैबलेट लेकर पहुंचा देखकर लवप्रीत काफी खुश नजर आई। उसे उम्मीद नहीं थी कि कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के सामने रखी गई उसकी बात पर इतनी जल्दी कार्रवाई होगी। टैब मिलने के बाद छात्रा ने मुख्यमंत्री का आभार जताया।
ऑनलाइन पढ़ाई में मिलेगी मदद
लवप्रीत के लिए यह टैबलेट ऑनलाइन पढ़ाई और डिजिटल शैक्षणिक सामग्री तक पहुंच का माध्यम बनेगा। इससे वह पढ़ाई से जुड़ी सामग्री ऑनलाइन हासिल करने के साथ डिजिटल माध्यम से अपनी पढ़ाई को आगे बढ़ा सकेगी। इस पूरे घटनाक्रम में खास बात यह रही कि छात्रा ने अपनी आवश्यकता से पहले दूसरे जरूरतमंद विद्यार्थियों की समस्या मुख्यमंत्री के सामने रखी। उसकी इसी सोच को कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने भी सराहा।
‘संसाधनों की कमी प्रतिभा के रास्ते में बाधा न बने’
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार की कोशिश है कि उत्तराखंड के विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा के लिए जरूरी संसाधन उपलब्ध कराए जाएं। आर्थिक स्थिति या संसाधनों की कमी की वजह से किसी छात्र की पढ़ाई और प्रतिभा प्रभावित न हो, इसके लिए सरकार काम कर रही है। उन्होंने डिजिटल शिक्षा को मौजूदा दौर की जरूरत बताते हुए कहा कि विद्यार्थियों को तकनीक से जोड़ने से उनके लिए सीखने और आगे बढ़ने के नए अवसर खुलेंगे।
CM धामी ने की लवप्रीत की सोच की तारीफ
मुख्यमंत्री ने लवप्रीत की संवेदनशील सोच की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि अपनी जरूरत से पहले दूसरे विद्यार्थियों की चिंता करना युवाओं में सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को दिखाता है। सरकारी स्कूलों के पात्र विद्यार्थियों को टैबलेट देने की योजना के जरिए सरकार डिजिटल शिक्षा की पहुंच बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है। वहीं, लवप्रीत का मामला इस बात का उदाहरण बनकर सामने आया कि किसी छात्र की ओर से उठाई गई जरूरत को प्रशासनिक स्तर पर कितनी तेजी से आगे बढ़ाया जा सकता है।




